काले धन को सफेद बनाने की प्रक्रिया में अब राजनीतिक दल भी लग गए हैं। राजनीतिक दलों के कार्यालय अंडरग्राउंड बैंक में तब्दील हो गए हैं जहां काले धन को जमा कर सफेद बनाने का गोरखधंधा तेजी से शुरु हो चुका है।
स्टिंग ऑपरेशन में खुलासा: ये नेता 40% कमीशन ले काले धन को कर रहे सफेद
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स्टिंग में सामने आया है कि बीएसपी के गाजियाबाद के जिला अध्यक्ष विरेंद्र जाटव खुद को बिजनेसमैन बताते हैं। वो स्टिंग करने वाली टीम से सौदा करते हैं कि वो 10 करोड़ रुपये के काले धन को सफेद कर देंगे। इसके बदले वो 35-40 प्रतिशत कमीशन लेने की शर्त रखते हैं। इस बीच बहुजन समाजवादी पार्टी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के आधार पर विरेंद्र यादव को दल से निष्कासित कर दिया है।
बीएसपी नेता साफ कहते हैं कि 40% से कम पर कुछ नहीं हो सकता है। इससे कम पर बात करने से वो मना कर देते हैं लेकिन गारंटी देते हैं कि वो पूरा पैसा हार्ड कैश में देंगे।
उत्तर प्रदेश में सत्तासीन समाजवादी पार्टी के नोएडा महानगर यूनिट के नेता टीटू यादव कहते हैं कि वो इतनी ही रकम की पुरानी करेंसी को नई करेंसी में बदलने के लिए तैयार हैं लेकिन वो भी कमीशन के नाम पर 40% की मांग करते हैं।
टीटू यादव कहते हैं कि सारा पैसा हाथों-हाथों लिया और दिया जाएगा। पुराने नोट के बदले चालीस प्रतिशत कमीशन पर शेष पैसा हार्ड कैश में तुरंत ही नई करेंसी के रूप में दिया जाएगा।
ये गोरख-धंधा केवल नोएडा या गाजियाबाद तक ही सिमटा नहीं है देश की राजधानी दिल्ली में भी ये धंधा खुलेआम जारी है। अवैध करार दे दी गए 1000 और 500 के पुराने नोट को बदलने का काम नई दिल्ली के कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय में भी जारी है।
कांग्रेस पार्टी के नेता तारिक सिद्दीकी टूडे की टीम को बताते हैं कि वो ऐसे एनजीओ से उनकी मुलाकात करवा सकते हैं जो कालेधन को सफेद बनाने में आपकी मदद कर सकती है।
वो ये भी दावा करते हैं कि एक करोड़ रुपये तक की राशि को तो वो ब्लैक मार्केट में लगा सकते हैं। उनके पास कुछ और भी रास्ते हैं जिससे वो कालेधन को सफेद में बदल सकते हैं लेकिन इसके बारे में वो कोई दावा करने से बचते हैं।
दिल्ली में एनसीपी के जनरल सेक्रेटरी रवि कुमार एक करोड़ रुपये तक की राशि को बदलने के लिए तैयार हो जाते हैं। इसके बदले वो कुल राशि का 30 प्रतिशत कमीशन के तौर पर लेने की बात कहते हैं। स्टिंग करने वाली टीम से वो साफ कहते हैं कि वो पूरी राशि का 70 फिसदी हिस्सा चेक के रूप में देने के लिए तैयार हैं इससे ज्यादा उन्हें क्या चाहिए।
कुमार कहते हैं कि इस पैसे को सफेद करने के लिए वो एक फर्जी पीआर कंपनी बनाएंगे और इसके जरिए वो कागजों पर ही लेन-देन करके पूरे पैसे को काले से सफेद में तब्दील करेंगे।
हालांकि इस लेन-देन के बारे में जब टीटू यादव से पूछा गया तो उन्होंने किसी भी प्रकार के गैरकानूनी लेन-देन की बात अस्वीकार कर दी। इसी तरह तारिक सिद्दीकी ने पत्रकार के फोन को ही काट दिया।