दिल्ली के दक्षिण-पूर्व जिले के स्पेशल सेल स्टाफ न०े भूमाफिया मोती गोयल की हत्या के मास्टरमाइंड हरेन्द्र नागर उर्फ हरेन्द्र प्रधान (37) को शनिवार सुबह मुठभेड़ केबाद गिरफ्तार कर लिया। हरेन्द्र प्रधान पर दिल्ली पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी थी। इससे दिल्ली पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। दिल्ली पुलिस ने भी हवा में दो राउंड फायरिंग की थी। आरोपी को पकडने के दौरान एसैई समेत दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। दिल्ली पुलिस ने हरेन्द्र प्रधान के कब्जे से कारबाईन जैसे बड़ा हथियार, पिस्टल व 12 कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी ने सुपारी देकर भूमाफिया मोती गोयल की हत्या करवाई थी। आरोपी 25 अप्रैल को यूपी पुलिस पर फायरिंग कर फरार हो गया चथा। यूपी पुलिस ने हरेन्द्र प्रधान की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था। पुलिस ने आरोपी को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी चिन्मय बिश्वाल के अनुसार स्पेशल स्टाफ में तैनात एसआई योगेश तंवर को सूचना मिली थी कि यूपी का गैंगस्टर व भूमाफिया मोती गोयल की हत्या का मास्टरसाइंड स्वीफ्ट डिजायर कार से एमबी रोड होते हुए शनिवार सुबह महरौली जाएगा। सूचना के बाद एसीपी केपी सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर राजेन्द्र कुमार, एसआई योगेश तंवर, एसआई अजय कटेवा व एसआई परवेज कसाना की विशेष टीम बनाई गई।
दिल्ली में दबोचा गया भूमाफिया मोती गोयल की हत्या का मास्टरमाइंड
दो पुलिस टीमों ने शनिवार सुबह साढ़े छह बजे काया माया अस्पताल के पास, एमबी रोड और रेड लाइट तुगलकाबाद किले केपास घेराबंदी की। तभी वहां स्वीफ्ट डिजायर कार पहुंची। पुलिस को देखकर ड्राइवर ने कार की स्पीड बढ़ा दी। पुलिस टीम ने काया माया अस्पताल केपास एमबी रोड पर बेरीकेड्स से रोड को बंद कर दिया। एसआई योगेश तंवर ने कार का गेट खोलकर आरोपी को पकडने की कोशिश की। एसआई योगेश तंवर ने आरोपी हरेन्द्र प्रधान केकब्जे से कारबाईन छीन ली। कारबाईन को छीनने केदौरान एसआई योगेश तंवर व बेरीकेड्स लगाने के दौरान हवलदार रवि शंकर घायल हो गए थे।
कारबाईन छीनने के बाद आरोपी ने पिस्टल निकाल ली और हवा में गोली चला दी। इसके बाद आरोपी ने पुलिसकर्मियों की तरफ दो राउंड गोली चला दी। इससे पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। इसकेबाद पुलिसकर्मयों ने आरोपी को पकड़ लिया। गांव कानारसी दनकौर, जिला गौतमबुद्घ नगर यूपी निवासी हरेन्द्र नागर की केकब्जे से कारबाईन, पिस्टल, व 12 कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने मौके से पांच खोल भी बरामद किए।
हरेन्द्र प्रधान की भूमाफिया मोती गोयल से मुलाकात जेल में हुई थी। मोती गोयल को ऐसे बदमाशों की जरूरत थी जो उसके कहने पर जमीनों पर कब्जा कर सके। जेल से बाहर आने के बाद हरेन्द्र प्रधान ने मोती गोयल केलिए काम शुरू कर दिया। कुछ समय बाद मोती गोयल ने हरेन्द्र प्रधान को उसका कमीशन देना बंद कर दिया तो दोनों दुश्मन बन गए। दोनों एक-दूसरे की जान के दुश्मन बन गए। आरोपी हरेन्द्र का कहना है कि अगर वह मोती गोयल को नहीं मरवाता तो मोती गोयल उसे मरवा देता।
डीसीपी चिन्मय बिश्वाल ने बताया कि हरेन्द्र प्रधान का बड़ा भाई मनवीर नागर भी अपराधिक किस्म का है और पिछले पांच वर्ष से हत्या केमामले में डासना जेल में बंद हैं। शुरू में इसने दूधर या का काम करना शुरू किया। ये ग्रेटर नोएडा की सोसायटी में दूध सप्लाई करता था। मगर उसके मन में जल्द अमीर बनने व प्रसिद्व होने की इच्छा उठती रहती थी। इस दौरान स्थानीय बदमाशों केसंपर्क में आया और छोटी-मोटी अपराधिक वारदात करना शुरू किया। गांव का प्रधान बनने की वजह से वह राजनीतिक गतिविधियों में शामिल हो गया था।
वर्ष 2012 में ये ब्रह्म पहलवान की हत्या में गिरफ्तार हुआ और जेल से ही अपना गिरोह चलाने लगा। जेल से ही इसने वर्ष 2013 में टुंडा पहलवान की राजनीतिक रंजिश केचलते हत्या कर दी थी। वर्ष 2008 में इसकी डासना जेल में पश्चिमी उत्तरप्रदेश केभूमाफिया मोती गोयल से मुलाकात हुई। मोती गोयल के कहने पर हरेन्द्र प्रधान उसके गिरोह में शामिल हो गया। मोती गोयल ने उसे काफी प्रॉपर्टी दी थी।
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मोती गोयल ने हिस्सा देना बंद कर दिया तो करवा दी हत्या-
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार कुछ समय पर मोती गोयल ने हरेन्द्र प्रधान को नजरअंदाज करना शुरू कर दिया। बाद में कमीशन देना बंद और हरेन्द्र प्रधान को जान से मारने की धमकी देने लगा। हरेन्द्र प्रधान ने मोती गोयल की हत्या की साजिश रची। उसने अमित ओर राहुल नाम केशार्प शूटर दस लाख रुपये की सुपारी दी। साथ में एक बाइक भी दी। इन शूटरों ने 16 अप्रैल को ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर मोती गोयल की बारोला टी पाइंट, केसर गार्डन में हत्या कर दी थी। मोती गोयल केखिलाफ 12 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे। सीबीआई में भी मामला दर्ज था।
पुलिस टीम पर फायरिंग कर फरार हो गया था-
यूपी पुलिस ने मोती गोयल की हत्या के आरोप में 25 अप्रैल को अमित व राहुल को गिरफ्तार कर लिया था। हरेन्द्र प्रधान यूपी पुलिस पर फायरिंग कर फरार हो गया था। हरेन्द्र प्रधान पर यूपी के विभिन्न थानों में करीब 13 अपराधिक मामले दर्ज हैं।