दिल्ली में डीयू के छात्र की किडनैपिंग और फिर उसकी निर्ममता से हत्या के बाद उसकी लाश के साथ जो किया गया वो आपकी आंखों को नम कर देगा। (सभी फोटोः अमर उजाला)
DU छात्र मर्डरः अपहरण के बाद ही दे दी थी मौत और नाले में फेंकने से पहले यहां रखा शव
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पालम इलाके से दिल्ली विश्वविद्यालय के रामलाल आनंद कॉलेज में बीकॉम तृतीय वर्ष के छात्र आयुष नौटियाल (21) को अगवा कर उसकी हत्या कर दी गई। अपहरणकर्ताओं ने फिरौती के रूप में 50 लाख रुपये की मांग की थी। शिकायत के बाद पुलिस परिजनों के साथ मिलकर उसकी तलाश कर रही थी। बुधवार को छात्र का शव द्वारका सेक्टर-13 स्थित नाले के किनारे मिला। पुलिस ने मामले में बृहस्पतिवार रात को उत्तर नगर निवासी इश्तियाक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिये एक महीने पहले ही दोनों के बीच दोस्ती हुई थी। 22 मार्च को आरोपी ने बर्गर खिलाने के बहाने छात्र को अगवा किया था और फिर बाद में हथौड़े से मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद वह छात्र के मोबाइल के जरिये परिवार वालों से संपर्क कर उससे उगाही करने का प्रयास कर रहा था।
पुलिस के अनुसार आयुष नौटियाल, माता-पिता और दो बहनों के साथ पालम के साधनगर गली नंबर एक में रहता था। उसके पिता दिनेश चंद्र बीमा कंपनी में प्रशासनिक अधिकारी हैं। आयुष के चचेरे भाई निखिल ने बताया कि गत 22 मार्च को आयुष कॉलेज जाने के लिए निकला था। रात 9 बजे तक वापस नहीं आने पर उसके पिता ने आयुष के मोबाइल पर फोन लगाया। लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। कुछ देर बाद आयुष के नंबर से पिता के मोबाइल पर फोन आया।
फोन करने वाले ने व्हाट्स एप देखने के लिए कहा। व्हाट्स एप पर आयुष का हाथ पैर बंधा फोटो था। उसके सिर पर चोट का निशान था। आयुष के फोन से फिर से उसके पिता के मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने आयुष के अपहरण किए जाने की बात कही और 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। उसके बाद परिवार वालों ने थाने में इसकी शिकायत की। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने उन्हें चुपचाप रहने की सलाह दी और आयुष को ढूंढने का आश्वासन दिया। उसके बाद परिवार वाले अपहरणकर्ता से बात कर 50 लाख देने में असमर्थता जताई।
बातचीत करने के बाद 12 लाख रुपये पर सौदा तय हुआ। परिजन अपहरणकर्ता के कहने पर रुपये लेकर द्वारका तो कभी मुनिरका, मोहन गार्डन घूमते रहे। लेकिन आरोपी रुपये लेने नहीं आए। 27 मार्च की रात अपहरणकर्ताओं ने रुपये लेकर परिजनों को वसंत विहार स्थित एक पार्क में बुलाया। यहां भी पुलिस उनके साथ थी। अगले दिन आयुष का शव सेक्टर-13 के पास मिला। पुलिस अधिकारियों को आशंका है कि अपहरणकर्ताओं ने आयुष को अगवा करने के कुछ दिन बाद ही उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस के मुताबिक शव चार पांच दिन पुराना है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।