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बैरीकेड से मौतः सिसकती मां मांग रही दोषियों के लिए ये सजा, पढ़ें मामले की 5 खास बातें

Fri, 09 Feb 2018 10:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 09 Feb 2018 10:03 AM IST
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death of abhishek from barricade in delhi: know full details of this case in five points
abhishek death - फोटो : अमर उजाला

नौकरी से निकालना कोई इंसाफ नहीं बल्कि उन्हें सजा-ए-मौत मिलना चाहिए। बेटे की मौत के बाद रोते हुए अभिषेक की मां बस यही रट लगाए जा रही थी कि उसकी बेटे की मौत को महज एक हादसा मानकर आरोपियों पर कार्रवाई न हो बल्कि इन्हें फांसी देकर उन्हें सख्त सजा दी जानी चाहिए। (सभी फोटोः विवेक निगम)

death of abhishek from barricade in delhi: know full details of this case in five points
abhishek death - फोटो : अमर उजाला

बुधवार देर रात जैसे ही बेटे की मौत की खबर घर पर आयी अभिषेक के घर में कोहराम मच गया। किसी को भी यकीन नहीं हो रहा था बस चंद घंटों बाद वापस आने के लिए कह कर गया अभिषेक अब कभी वापस नहीं आयेगा। मां तो बार बार बेहोश हो जा रही थी। उसके घर पर रिश्तेदारों पड़ोसियों का तांता लगा हुआ था। अभिषेक की मां सुनीता ने कहा कि दोषी पुलिसकर्मी नौकरी से निकाले जाने के बाद जिंदा रहेंगे। लेकिन उनकी लापरवाही ने उसके कलेजे के टूकड़े की जान ले ली। पिता की बीमारी के बाद से पूरे परिवार की जिम्मेदारी अभिषेक के कंधों पर थी।

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abhishek death - फोटो : अमर उजाला

मां सुनीता ने बताया कि मेरा बेटा घर की मुखिया की तरह से था। वह हमारी परेशानी दूर करने की सोचता रहता था। उसके जाने से परिवार पूरी तरह से टूट गया है। अभिषेक हमेशा अपने पिता की बीमारी और स्नातक की पढ़ाई कर रही 19 वर्षीय बहन की शादी करवाने के बारे में सोचता था। वह अपने छोटे भाई कुणाल को पढ़ा लिखाकर अधिकारी बनना चाहता था। इसलिए वह स्नातक करने के साथ साथ काम भी कर रहा था। मां ने रूंधे गले से कहा कि मेरे बेटे को छीनने वालों के खिलाफ शख्त सजा मिलनी चाहिए। 

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abhishek death - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली पुलिस में भर्ती होना चाहता था अभिषेक
परिवार वालों ने बताया कि अभिषेक की बचपन से ही ख्वाहिश थी कि वह बड़ा होकर पुलिस में भर्ती हो। पढाई के साथ साथ उसने जी तोड़ शारीरिक मेहनत की। स्नातक की पढ़ाई करने के साथ साथ अभिषेक ने वर्ष 2016 में दिल्ली पुलिस का फार्म भरा था। पिछले साल फिजिकल क्लीयर कर लिया था। वह इसके रिजल्ट का इंतजार कर रहा था। इसके साथ ही एक महीना पहले उसने यूपी में भी फार्म भरकर आया था।
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abhishek death

विकास अभिषेक को ढूढने निकला था 
डीजे चलाने वाले विकास ने बताया कि उसने अभिषेक को एक लैपटॉप दिया था। जिसे उसे एम ब्लॉक में हो रहे एक कार्यक्रम में देना था। काफी रात होने पर जब अभिषेक वहां नहीं पहुंचा तो विकास अभिषेक को तलाशने के लिए पैदल निकला। जी ब्लॉक के पास उसने अपनी क्षतिग्रस्त बाइक देखी। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने पूछने पर पता चला कि बाइक सवार दुर्घटना का शिकार हो गया है और उसे महावीर अस्पताल ले जाया गया है। विकास ने अभिषेक के पिता को फोन कर अस्पताल पहुंचा। जहां पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है। 

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