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जज्बे ने बदला कमाई का जरिया, स्क्रैप खरीदने और दिहाड़ी की बजाय बेच रहे सब्जियां, देखें तस्वीरें

Wed, 01 Apr 2020 11:17 AM IST
शाहरुख खान सर्वेश कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
सर्वेश कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 01 Apr 2020 11:17 AM IST
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coronavirus india Lockdown in delhi Scrap buyers and daily wage workers are selling vegetables
दिल्ली लॉकडाउन - फोटो : अमर उजाला
लॉकडाउन ने भले जिंदगी की रफ्तार धीमी कर दी है, लेकिन जीने का जज्बा रखने वाले कई लोगों ने गुजर-बसर के लिए पेशा ही बदल लिया है। स्क्रैप खरीदने वाले हों या दिहाड़ी मजदूरी कर गुजारा करने वाले, उन्होंने सब्जियां बेचने को कमाई का नया जरिया बना लिया है। 

 
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coronavirus india Lockdown in delhi Scrap buyers and daily wage workers are selling vegetables
दिल्ली लॉकडाउन - फोटो : अमर उजाला
कई वर्ष से स्क्रैप का कारोबार करने वाले शौकीन ने बताया कि लॉकडाउन में पुराना काम बंद हो गया। अब वे रोज सुबह 4 बजे केशोपुर मंडी जाते हैं और वहां से सब्जियां खरीदकर रेहड़ी पर बेच रहे हैं। इससे वे रोज 500 रुपये तक कमा रहे हैं। 
 
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सब्जी बेचते हुए शौकीन - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि हरी सब्जियां फिलहाल अधिक नहीं ला रहे हैं, क्योंकि खराब होने का डर है। सब्जियां बेचने की जानकारी न होने की वजह से शुरुआती दो दिन में उन्हें 400 रुपये का नुकसान हो गया था, लेकिन अब कोई परेशानी नहीं है।
 
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सब्जी बेचते हुए मोहित - फोटो : अमर उजाला
दिहाड़ी मजदूर मोहित भी अपने तीन बच्चों और पत्नी का गुजारा करने के लिए उधार की रेहड़ी और तराजू की मदद से हरी सब्जियां बेच रहे हैं। पहले के बचे हुए करीब 4000 रुपये की सब्जियां खरीदकर वे बेचते हैं और रोज 500 रुपये तक की कमाई कर रहे हैं। 
 
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सब्जी बेचते हुए मोहित - फोटो : अमर उजाला
मोहित ने कहा कि इस बीमारी के खिलाफ लड़ाई में खुद को सुरक्षित रखते हुए जिंदगी जीने का कोई और जरिया उनके पास नहीं है। उधर, फैक्ट्रियों में काम करने वाले कई कामगारों ने भी सब्जियां बेचने को कमाई का जरिया बना लिया है। परिवार के साथ पलायन करने की बजाय खुद की मेहनत से दो वक्त की रोटी के लिए मेहनत करने का उनका जज्बा बरकरार है।
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