अगर आप भी आज तक ये सोचते हैं कि 9 अप्रैल के दिन कांग्रेसियों ने उपवास से पहले छोले-भटूरे खाए थे तो यकीन मानिए ये बात सच नहीं है। अगर आपको सच पता चलेगा तो शायद एक बार फिर आपको यही लगेगा कि सोशल मीडिया ने आपको निराश किया है।
ऐसा नहीं है कि कांग्रेसी नेताओं ने खाया नहीं था या दिखने वाली तस्वीर को फोटोशॉप किया गया है। दरअसल जिस समय कांग्रेसी नेताओं के छोले भटूरे खाने का दावा किया जा रहा है और जिस दुकान की तस्वीर शेयर की गई है वहां कांग्रेस के नेता तो क्या कोई भी छोले भटूरे नहीं खा सकता।
गौरतलब है कि उपवास से पहले कांग्रेस के नेताओं ने जिस हलवाई की दुकान से नाश्ता किया वह है दिल्ली के फतेहपुरी चौक की चैनाराम हलवाई की दुकान। इस मशहूर दुकान पर दोपहर 1 बजे से पहले आपको छोले भटूरे खाने को नहीं मिलेंगे। एक बजे के बाद ही आप भटूरे खा सकते हैं तो अब आप सोच रहे होंगे कि कांग्रेसी नेताओं ने खाया क्या।
दरअसल चैनाराम हलवाई की दुकान पर 1 बजे से पहले पूड़ी और छोले मिलते हैं। तो अब आप समझे हम क्यों कह रहे थे कि कांग्रेसी नेताओं ने छोले भटूरे नहीं खाए। उन्होंने खाए हैं पूड़ी छोले। ये दुकान 117 साल पुरानी है। परिवार की पांचवीं पीढ़ी इसे चला रही है।
आजादी से पहले यह लाहौर के अनारकली बाजार में थी और बंटवारे के बाद यहां शिफ्ट हो गई। इस दुकान में सुबह मिलती है पूड़ी और छोले। इस पूड़ी में दाल भरी होती है। ये पूड़ी मैदे की ही बनती है। इसके साथ अचार और मेथी की चटनी मिलती है। इसका दाम 90 रुपए प्रति प्लेट होता है।