जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों से हुई मुठभेड़ में शहीद हुए जवान संदीप बुधवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। गुरुवार सुबह शहीद को श्रद्धांजलि देने और उनके परिवार से मिलने हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर और पैरा कमांडो के जवान उनके घर पहुंचे। सीएम मनोहर लाल खट्टर ने शहीद संदीप के घरवालों से बातचीत की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। वहीं शहीद के पैरा कमांडो साथी भी उनके घर पहुंचे और उनके माता-पिता को भरोसा दिलाया कि सेना उनके परिवार के साथ है।
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- फोटो : अमर उजाला
सीएम मनोहर लाल खट्टर 9 बजे शहीद संदीप के घर पहुंचे और परिवार से बातचीत कर 9:15 बजे रवाना हो गए। आज उनसे मांग की गई कि घर के दूसरे बेटे के अलावा शहीद की पत्नी को भी सरकार नौकरी दे।
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गौरतलब है कि गांव के ही राजकीय स्कूल में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। दो साल के बेटे रक्षित ने उन्हें मुखाग्नि दी। पत्नी गीता और छह साल की बेटी लावन्या ने सेल्यूट कर शहीद को अंतिम विदाई दी। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। हाथ में तिरंगा लिए हर कोई भारत माता की जय और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगा रहा था। शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए बल्लभगढ़ के दुकानदारों ने बाजार बंद कर दिया।
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अंतिम यात्रा में शामिल हुए केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने शहीद के परिवार को 50 लाख रुपये, छोटे भाई को नौकरी और राजकीय स्कूल व मुख्य सड़क का नाम शहीद संदीप के नाम पर रखे जानेे की घोषणा की। बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे सेना के जवान शहीद संदीप के शव को लेकर बल्लभगढ़ चौक पहुंचे। यहां हजारों की संख्या में लोग हाथ में तिरंगा लिए स्वागत करने को खड़े थे। यहां से मोहना, आईएमटी होते हुए गांव अटाली तक शहीद के अंतिम यात्रा में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। जगह-जगह पुष्पवर्षा की गई।
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शहीद संदीप का शव जैसे ही घर पहुंचा पत्नी गीता ने सेल्यूट और हाथ जोड़कर पति को सलामी दी। शहीद की छह साल की बेटी लावन्या ने भी पिता को सेल्यूट किया। शहीद की अंतिम यात्रा के दौरान भाई संदीप अमर रहे के जयघोष गूंजते रहे। सिख रेजिमेंट की टुकड़ी ने उन्हें सलामी दी।