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सूर्य ग्रहण: दिल्ली में कुछ देर के लिए छा जाएगा अंधेरा, चमकदार गोल अंगूठी के जैसा नजर आएगा सूरज
Sun, 21 Jun 2020 09:56 AM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sun, 21 Jun 2020 09:56 AM IST
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सूर्य ग्रहण
- फोटो : सोशल मीडिया
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साल 2020 का पहला और सदी का सबसे दुर्लभ सूर्यग्रहण शुरू हो चुका है। पश्चिम अफ्रीका से लेकर अरब प्रायद्वीप, भारत और दक्षिणी चीन तक लोग इस ग्रहण को देख सकेंगे। हालांकि सभी जगह अलग-अलग समय में ग्रहण नजर आएगा। सूर्य ग्रहण का आंशिक चरण सुबह 9:16 बजे से ही शुरू हो चुका है, जो 3:04 बजे खत्म होगा। माना जा रहा है कि कुछ देर के लिए दिल्ली में इसका अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिलेगा। आगे पढ़ें क्या कहते हैं विशेषज्ञ-
सूर्य ग्रहण
- फोटो : अमर उजाला।
एस्ट्रोनॉमिकल सोसायटी ऑफ इंडिया ने बताया कि उत्तर भारत में कुछ हिस्सों में दोपहर के वक्त यह ग्रहण एक बेहद सुंदर कुंडलाकार (अंगूठी के आकार का) के रूप में दिखाई देगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि उस समय चंद्रमा सूर्य और धरती के बिल्कुल बीचों बीच आ जाएगा, लेकिन सूर्य को पूरी तरह ढंक नहीं पाएगा। इसलिए चंद्रमा के पीछे चारों ओर से निकलता सूर्य का प्रकाश किसी गोल अंगूठी की तरह लगने लगेगा।
सूर्य ग्रहण
मुंबई के नेहरू तारामंडल से भी इस ग्रहण के बारे में आश्चर्यजनक बातें बताई गईं हैं। निदेशक अरविंद परंजपई के मुताबिक दिल्ली व आसपास के क्षेत्रों में 11 से 11:30 बजे के आसपास लगभग पांच-सात मिनटों के लिए अंधेरा छा जाएगा।
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सूर्य ग्रहण
- फोटो : रॉयटर्स
उत्तर भारत के कुछ हिस्से, जैसे- देहरादून, कुरुक्षेत्र, चामोली, जोशीमठ, सिरसा और सुरतगढ़ में सूर्य ग्रहण पूरी तरह नजर आएगा। इसका मतलब इन इलाकों में सूर्य बिल्कुल किसी आग की गोलाकार अंगूठी की तरह दिखेगा। देश के अन्य हिस्सों में इसका आंशिक रूप ही नजर आएगा।
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सूर्य ग्रहण
- फोटो : अमर उजाला।
मालूम हो कि अंतरिक्ष में धरती लगातार अपनी ऑर्बिट पर घूमते हुए सूर्य के चक्कर लगाती है। वहीं चंद्रमा भी विशेष दूरी बनाते हुए धरती के इर्द-गिर्द घूमता रहता है। इसी बीच कभी कभी एक दूसरे का चक्कर लगाते हुए सूर्य, चंद्रमा और धरती एक सीधी रेखा में चले आते हैं। ऐसे में चंद्रमा सूर्य और धरती के बीच में रहता है और सूर्य को ढंकने का प्रयास करता है। इसी खगोलीय घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है।