बुढ़ापा अपने आप में एक बीमारी है, बुढ़ापे में यदि कोई देखभाल करने वाला न हो तो बेचारे बुजुर्ग का जीवन नर्क बन जाता है। ऐसे ही एक मामले में दिलशाद गार्डन इलाके में एकाकीपन के शिकार 72 वर्षीय बुजुर्ग देखभाल के अभाव में बीमार होकर बिस्तर पर पहुंच गए।
पैर के घाव में कीड़े पड़ गए। पड़ोसियों को जब घर से दुर्गंध आई तो पुलिस व एनजीओ को सूचना दी गई। एनजीओ व पुलिस ने बुजुर्ग अमरजीत सिंह (72) को अस्पताल में भर्ती कराया। अमरजीत सिंह की मानसिक स्थिति भी कुछ ठीक नहीं लग रही है।
पुलिस के मुताबिक, अमरजीत सिंह अपने फ्लैट एल-227, दिलशाद गार्डन में रहते हैं। फ्लैट का एक कमरा इन्होंने 4000 हजार रुपये महीना किराये पर दिया हुआ है। उसका दरवाजा दूसरी ओर से खुलता है। अमर के परिवार में कोई नहीं है।
नका दरवाजा अंदर से बंद ही रहता है
कभी-कभार कोई दूर का रिश्तेदार उनकी सुध लेने आ जाता है। ज्यादातर मामलों में उनका दरवाजा अंदर से बंद ही रहता है और वह अंदर से ताला भी लगाकर रखते हैं। पिछले कई दिनों से किसी ने अमरजीत को घर से निकलते नहीं देखा था। शनिवार को लोगों को उनके घर से दुर्गंध आई तो पुलिस व एनजीओ को मामले की सूचना दी गई।
किसी तरह दरवाजा खोलकर फ्लैट के अंदर दाखिल हुए तो पता चला कि अमरजीत बिस्तर पर थे। उनके पैर में घाव हुआ था, जिससे दुर्गंध आ रही थी। फौरन उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इधर छानबीन के दौरान पता चला कि बुजुर्ग ने काफी समय से कुछ खाया भी नहीं था। चलने फिरने की हालत में वह खुद ही कुछ बना लेते थे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बुजुर्ग सरकारी ढाई हजार रुपये महीना की पेंशन भी ले रहे हैं। पुलिस उनके रिश्तेदारों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।