{"_id":"5ceba5e7bdec22075a3be428","slug":"alka-lamba-says-will-leave-aam-aadmi-party-in-2020","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"लोकसभा चुनाव में करारी हार झेल चुकी 'आप' को अगले साल तगड़ा झटका देंगी अलका लांबा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोकसभा चुनाव में करारी हार झेल चुकी 'आप' को अगले साल तगड़ा झटका देंगी अलका लांबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Mon, 27 May 2019 02:28 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
आम आदमी पार्टी (आप) की असंतुष्ट विधायक अलका लांबा ने पार्टी छोड़ने का एलान किया है। उनके इस एलान से चुनावी वर्ष में आम आदमी पार्टी को तगड़ा झटका लग सकता है। हालांकि अभी ये साफ नहीं है कि इसके बाद वह क्या करेंगी लेकिन उनके पिछले कई ट्वीट्स इस ओर इशारा करते हैं।
2 of 5
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को एक ट्वीट कर उन्होंने कहा कि 2013 में आप के साथ शुरू हुआ सफर 2020 में समाप्त हो जाएगा। मेरी शुभकामनाएं पार्टी के समर्पित, क्रांतिकारी, जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ हमेशा रहेंगी। साथ ही उन्होंने लिखा है, आशा करती हूं कि आप दिल्ली में एक मजबूत विकल्प बनी रहेगी। आप के साथ पिछले छह साल यादगार रहे और आप से बहुत कुछ सीखने को मिला।
3 of 5
अलका लांबा ने अपने ट्वीट में यह स्पष्ट नहीं किया है कि वे अगले साल विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी छोड़ेंगी या बाद में। उल्लेखनीय है कि अलका लांबा के आप के बड़े नेताओं के साथ कुछ दिन से रिश्ते बेहतर नहीं हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान भी लांबा अपने क्षेत्र में पार्टी के लिए विशेष प्रचार करती नहीं दिखीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
यहां तक कि लांबा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के रोड शो में भी शिरकत नहीं की थी। आप विधायकों के व्हाट्स ऐप ग्रुप से उन्हें दो बार बाहर किया जा चुका है। पिछले दिनों ही चांदनी चौक की आप विधायक अलका लांबा ने कहा था कि लोकसभा चुनाव में हार के लिए उन्हें क्यों जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
विज्ञापन
5 of 5
इससे पहले, एक ट्वीट में लांबा ने यह भी कहा था कि मैं पार्टी के भीतर नही हूं, इसलिए पार्टी के बाहर से ही एक शुभचिंतक की तरह सुझाव देती रहूंगी। मानो न मानो आपकी मर्जी। अगर दिल्ली जीतनी है तो अरविंद जी को दिल्ली पर फोकस करना चाहिए। साथ ही, पार्टी के संविधान के मुताबिक कन्वीनर का पद संजय सिंह को सौंप देना चाहिए। उनके पास संगठन का अनुभव भी है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।