बुराड़ी में 22 गायों की मौत ने चारों ओर दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। लोगों में लगातार हो रही गायों की मौत को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं और खौफ देखने को मिल रहा है।
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cow death in burari
- फोटो : अमर उजाला
कुछ लोग इसे संक्रमण बता रहे थे तो कुछ लोग गायों को जानबूझकर मारने की चर्चा कर रहे हैं। इस मामले में पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. जितेंद्र गौड़ का कहना है कि कुछ समय पहले भी इसी तरह से मवेशियों की मौत हुई थी। अभी फिलहाल कुछ भी नहीं कह सकते। इस मामले की जांच के लिए सैंपल मंगाए हैं। लैब में इनकी जांच और उसकी रिपोर्ट आने के बाद ही वैक्सीन से मौत होने या नहीं होने की सच्चाई पता चलेगी। सोमवार शाम तक इन गायों की रिपोर्ट हाथ लग जाएगी।
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मवेशियों में मुंहपका और खुरपका की बीमारी न हो, इसके लिए एफएमडी टीकाकरण करते हैं। सरकार की ओर से यह उपलब्ध कराया जाता है। ये टीका नवजात पशुओं में तीन सप्ताह की उम्र में पहला टीका, तीन मास की उम्र में दूसरा टीका और उस के बाद हर छ: महीने में टीका लगाते रहना चाहिये। इसकी वजह से मवेशियों की मौत अब तक मेरी जानकारी में नहीं है। लेकिन विभाग को इसकी जांच करनी चाहिए। मौत की कुछ और वजह हो सकती है? या फिर टीके की ओवर डोज।- डॉ. मयंक विद्यार्थी, निजी पशु चिकित्सक