17वीं शताब्दी के ऐतिहासिक लाल किले को डालमिया भारत ग्रुप को गोद दिए जाने के बाद कार्यात्मक आधिपत्य को लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) में वर्चस्व कायम रखने का माहौल पैदा हो गया।
लाल किले को गोद लिए जाने के बाद बदल गया है यहां का माहौल, छिड़ गई है ये लड़ाई
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सुविधाओं के लिए लाल किले की आउटसोर्सिंग के बाद से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का अधिकार क्षेत्र सीमित हो गया है, लेकिन लाल किले की खूबसूरती को बनाए रखने का सबसे महत्वपूर्ण कार्य अभी भी एएसआई के पास ही है। कई दशकों से लाल किले के संरक्षण से जुड़े अधिकारियों द्वारा इसकी आउटसोर्सिंग को लेकर नाराजगी भी जाहिर की जा रही है। एएसआई सूत्रों के मुताबिक, लाल किले के कायाकल्प को लेकर पहले से जारी कार्य वर्तमान में भी जारी हैं।
पर्यटकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के मद्देनजर लाल किले को डालमिया भारत समूह को पांच वर्ष के लिए सौंपा गया है, लेकिन लाल किले की ऐतिहासिक दीवारों से लेकर किले के हर उस क्षेत्र पर एएसआई का अधिकार क्षेत्र है, जो मुगल काल में बनकर तैयार हुआ। लाल किले के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में नक्कार खाना, दीवान-ए-आम, नहर-ए-बहिश्त, जनाना, हयात बख्श बाग, मोती मस्जिद, दीवान ए खास और खास महल के संरक्षण का जिम्मा पूरी तरह से एएसआई के पास है।
एएसआई सूत्रों का कहना है कि दशकों से लाल किले के संरक्षण और सुविधाओं का जिम्मा एएसआई के पास था। लाल किला गोद दिए जाने के बाद से हालांकि एएसआई का कार्यभार कम हो जाएगा, लेकिन देश में लोगों के बीच विभाग की गरिमा और कार्यशैली पर भी सामंजस्य पैदा हो सकता है। बताया गया है कि लाल किले में कैफेटेरिया आने वाले समय में डालमिया समूह द्वारा संचालित किया जाएगा, साथ ही पीने के पानी, जानकारी केंद्र, लाइटिंग और शौचालयों समेत अन्य सुविधाएं डालमिया समूह द्वारा प्रदान की जाएंगी, लेकिन किले की लाल पत्थर से बनी दीवारों और अन्य जगहों के कायाकल्प का कार्य एएसआई के अनुभवी अभियंता ही करेंगे।
- कायाकल्प भी हाथ से जाने का डर लाल किले में सुविधाओं का कार्य हाथ से जाने के बाद अब एएसआई कर्मियों में लाल किले का कायाकल्प भी हाथ से जाने की संभावना बनी हुई है। सूत्रों की मानें तो ताजमहल की तर्ज पर अगर भविष्य में लाल किले का कायाकल्प भी निजी कंपनियों को सौंपा गया तो इससे एएसआई की गरिमा प्रभावित हो सकती है। हालांकि सरकार द्वारा फिलहाल लाल किले को पांच वर्ष के लिए ही पर्यटकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए गोद दिया गया है, जबकि लाल किले के संरक्षण को किसी कंपनी को दिए जाने की कोई बात सामने नहीं आई है।