सनसनीखेज श्रद्धा वालकर हत्याकांड में अभी तक पुलिस को कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लगा है। अपनी लिव इन पार्टनर श्रद्धा की हत्या करने का आरोपी आफताब अमीन पूनावाला पुलिस को गलत जानकारी दे रहा है। इसको देखते हुए पुलिस ने नार्को टेस्ट से पहले उसका पॉलीग्राफ टेस्ट कराने का फैसला किया है और इसके लिए अदालत से अनुमति मांगी है।
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आरोपी आफताब और मृतका श्रद्धा
- फोटो : सोशल मीडिया
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने अदालत को बताया है कि आफताब जांच को गलत मोड़ देने की कोशिश कर रहा है। मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अविरल शुक्ल ने पुलिस के आवेदन को जज विजयश्री राठौर की अदालत में भेज दिया है, जिन्होंने बृहस्पतिवार को पुलिस से पांच दिन के भीतर आफताब का नार्को टेस्ट कराने को कहा था।
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मृतका श्रद्धा
- फोटो : सोशल मीडिया
फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) के अधिकारी ने बताया कि सोमवार को आफताब का नार्को टेस्ट नहीं हो सका, क्योंकि उससे पहले पॉलीग्राफ समेत कुछ अन्य टेस्ट जरूरी हैं। इसको देखते हुए ही पुलिस ने सोमवार को अदालत से आफताब के पॉलीग्राफ टेस्क की अनुमति मांगी है। सूत्रों ने बताया कि आरोपी ने पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए हामी भर दी है।
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Shraddha Murder Case
- फोटो : अमर उजाला
आफताब की पुलिस हिरासत मंगलवार को खत्म हो रही है। पुलिस उसकी हिरासत बढ़ाने की मांग कर सकती है, क्योंकि हत्या में इस्तेमाल हथियार समेत अभी कई अहम सुबूत नहीं मिले हैं। दिल्ली पुलिस सोमवार को लगातार चौथे दिन भी कई जगहों पर श्रद्धा के शरीर के अंगों की तलाश करती रही।
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Shraddha walker murder case
- फोटो : अमर उजाला/एएनआई
क्या होता है पॉलीग्राफ टेस्ट?
पॉलीग्राफ टेस्ट जिसे सामान्य तौर पर लाई डिटेक्टर टेस्ट यानी झूठ पकड़ने की जांच भी कहा जाता है। इसमें आरोपी से कुछ सवाल पूछे जाते हैं और इस पर उसकी मनोवैज्ञानिक स्थिति का आकलन किया जाता है। सवाल पूछने के बाद आरोपी के ब्लड प्रेशर, दिल की धड़कन और नाड़ी की चाल को रिकॉर्ड किया जाता है और इसके आधार पर यह विश्लेषण किया जाता है कि उसने किस सवाल पर गलत और किस पर सही जानकारी दी है।