केबल पार्क में दोनों बच्चों की मौत के बाद पूरा परिवार गमगीन है। एक साथ भाई-बहन की अर्थी उठते देख वहां मौजूद सभी लोगों की आंखों में आंसू आ गए। परिजन बार-बार अफसोस जता रहे हैं कि दोनों बच्चे अपनी दादी के कमरे में होते तो उनकी भी जान बच सकती थी। दोनों बच्चे अलग कमरे में सो रहे थे।
आदर्श नगर अग्निकाण्डः भाई-बहनों की अर्थी साथ उठीं तो सभी की आंखें हुईं नम
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लोगों को लगा कि वे निकल गए हैं। आग लगने के बाद सामने के कमरे में मौजूद उनकी दादी को लोगों ने निकाल लिया, लेकिन बच्चे अंदर के कमरे में सोए रह गए। जब तक उन्हें घर में आग लगने की भनक लगी, तब तक काफी देर हो चुकी थी।
परिजनों ने बताया कि अशोक विहार स्थित मॉटफोर्ड स्कूल में सार्थक 5वीं व अक्षरा तीसरी कक्षा में थी। शुक्रवार रात माता-पिता शादी में शामिल होने गए तो ट्यूशन पढ़ने की वजह से दोनों बच्चे दादी के पास ही रुक गए। विनीत और अनुराग का संयुक्त परिवार है। विनीत ने 3 मई को जन्मदिन मनाया था। इस दौरान उनके दोनों बच्चे काफी खुश थे।उनके मुताबिक, आग मकान के पिछले भाग में लगे एसी में लगी। लोगों का कहना है कि हादसा और भयावह हो सकता था, अगर बालकनी में रखे तीन सिलेंडरों को नहीं हटाया जाता।
लोगों ने बताया कि आग लगने के बाद चौथी और तीसरी मंजिल पर भी लोग फंसे थे, जिन्हें समय रहते निकाल लिया गया। चौथी मंजिल पर अरुण जैन व रेखा जैन का परिवार रहता है। घटना से कुछ देर पहले ही उनका बेटा विभांशु व बेटी सृष्टि देहरादून से लौटे थे। वहीं तीसरी मंजिल पर रीता अरोड़ा रहती हैं।
सरकार की लापरवाही से हुई बच्चों की मौत : विजेंद्र गुप्ता
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आदर्श नगर क्षेत्र स्थित केवल पार्क में आग लगने से दो बच्चों की मौत मामले में दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना था कि सूचना मिलते ही अगर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच जाती तो बच्चों की मौत नहीं होती। मुख्यमंत्री को ऐसी घटनाओं की जिम्मेदारी लेते हुए त्यागपत्र देना चाहिए।