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'आरुषि का नाम साफ करने के लिए आखिरी दम तक लड़ेंगे राजेश तलवार'

Tue, 17 Oct 2017 09:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Tue, 17 Oct 2017 09:56 AM IST
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aarushi uncle dinesh talwar talked to media appealed for leaving them alone
dinesh talwar - फोटो : लाल सिंह

लंबे इंतजार के बाद सोमवार शाम करीब पांच बजे आरुषि के माता-पिता डॉ. राजेश तलवार और डॉ. नूपुर तलवार नोएडा के सेक्टर-25 एल 245 में पहुंचे। यह घर आरुषि के नाना पूर्व ग्रुप कैप्टन बीजी चिटनिस (85) का है। तलवार दंपती के यहां आने के इंतजार में सुबह से ही मीडिया का जमावड़ा लगा था। हालांकि घर पहुंचकर तलवार दंपति ने मीडिया से बात नहीं की। शाम करीब 7:45 बजे राजेश तलवार के भाई दिनेश तलवार ने मीडिया से बात की।

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नूपुर व राजेश तलवार डासना जेल से बाहर निकलते हुए। - फोटो : अमर उजाला

आरुषि को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ाई जारी रखने के सवाल पर दिनेश तलवार ने कहा कि मेरी जितनी क्षमता थी, मैं कर चुका हूं। अब हिम्मत नहीं है। आपको (मीडिया को) लगता है तो आप करिए। उन्होंने बताया कि राजेश तलवार और नूपुर तलवार अभी इस स्थिति में नहीं हैं कि मीडिया से बात कर सकें। आज शाम को उनके घर लौटने पर जैसे आपने (मीडिया ने) घेरा, ऐसे तो वह और सहम जाएंगे।

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नोएडा में तलवार दंपति

दिनेश तलवार ने कहा कि आरुषि की मौत का दुख कभी नहीं भुलाया जा सकता। वो अभी दबा हुआ है। अब वो उभरेगा। ऐसे में आरुषि के माता-पिता और पूरे परिवार को सभी के सहारे की जरूरत है। इस मौके पर दिनेश तलवार ने कहा कि वह मीडिया, उनके दोस्तों, वकीलों, शुभचिंतकों सभी का धन्यवाद करना चाहते हैं। सभी से बहुत सहयोग मिला। सभी ने बार-बार उनके परिवार का हौसला बढ़ाया। हमें अक्सर लोग हिम्मत देते थे कि राजेश तलवार और नूपुर तलवार जेल से बाहर आएंगे। और आज वो दिन आ गया। आज वो जेल से बाहर आ चुके हैं।

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नूपुर व राजेश तलवार डासना जेल से बाहर निकलते हुए। - फोटो : अमर उजाला

आसान नहीं था सच्चाई के लिए लड़ना
उन्हें अभी जेल से रिहा होने और घर लौटने का भी सही से अहसास नहीं हो पा रहा। दंपती की मानसिक और भावनात्मक स्थिति का हवाला देते हुए दिनेश तलवार ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए दोनों को अकेला छोड़ दीजिए। उन्हें कुछ पल अकेले में गुजारने दीजिए, ताकि वह सामान्य जिंदगी में लौट सकें और अपना काम शुरू कर सकें। इसके बाद वह खुद मीडिया से बात करेंगे। फिलहाल हम सभी भावनात्मक रूप से टूट चुके हैं। इन चार सालों में हमने अपनी भावनाओं और दुख को अपने अंदर कैद कर रखा था। नहीं तो हम ये लड़ाई नहीं लड़ सकते थे। सच्चाई के लिए लड़ना इतना आसान नहीं था। नूपुर के माता-पिता बुजुर्ग हैं। उन्हें सहारे की जरूरत है। इस आठ में से चार सालों (तलवार दंपति के जेल की अवधि) में उनके पास कोई सहारा नहीं था। अब परिवार के लोग मिलकर उन्हें सहारा देंगे। दिनेश तलवार ने कहा कि मुझे अपने भाई (राजेश तलवार) और उसकी पत्नी (नूपुर तलवार) को भी सहारा देना है। ताकि वह सामान्य जिंदगी में लौट सकें।

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नूपुर और राजेश तलवार - फोटो : ANI

सच को सामने लाने की थी लड़ाई
दिनेश तलवार ने बताया कि चार साल पहले जेल जाते वक्त राजेश तलवार ने उनसे कहा था कि वह बेटी का नाम साफ करने के लिए आखिरी दम तक लड़ेंगे। यही हमारा मकसद रहा है। राजेश ने ये कभी नहीं कहा कि उन्हें जेल से बाहर आना है। आरुषि अच्छी लड़की थी। हेमराज खराब आदमी नहीं था। इन्हें अगर आप उल्टा कर देंगे तो तभी कह सकते हैं कि राजेश-नूपुर दोषी हैं। सच ये है कि इनमें से कोई दोषी नहीं है। इस केस से आरुषि-हेमराज का नाम जुड़ा है। अब तक जो कहानी बनाई गई थी, उसमें राजेश-नूपुर को ही नहीं आरुषि-हेमराज को भी दोषी बताया गया। उन पर सवाल खड़े किए गए। अब तक की हमारी लड़ाई राजेश-नूपुर को बचाने की नहीं, बल्कि सच को सामने लाने की थी।

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