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दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण रहित ई-पटाखों का बाजार गर्म, जानें इनकी कीमत

Tue, 17 Oct 2017 09:44 AM IST
अरुण कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
अरुण कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 17 Oct 2017 09:44 AM IST
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e firecrackers are sold all over delhi ncr
e-crackers - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली-एनसीआर में दिवाली के मौके पर प्रदूषण नियंत्रण के मद्देनजर पटाखों की बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंध के बाद चाईनीज ई-पटाखों से बाजार गर्म है। पटाखों पर रोक के कारण भारतीय बाजार में इन पटाखों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।

e firecrackers are sold all over delhi ncr
e-crackers - फोटो : अमर उजाला

ई-पटाखों की बढ़ती मांग से जाहिर है कि लोग दीपावाली पर पटाखे चलाने की परम्परा को लेकर काफी संजीदा हैं। ई-पटाखों की खरीदारी के लिए दिल्ली के बाजारों में पटाखा प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इन पटाखों की खासियत यह है कि ये बिजली के प्रयोग से चलाए जाने वाले पटाखे हैं, जिन्हें एक वायरलैस रिमोट कंट्रोल के जरिए चलाया जाता है।

e firecrackers are sold all over delhi ncr
e-crackers - फोटो : अमर उजाला

​पटाखों पर सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंध के बाद अस्तित्व में आए ई-पटाखों की यह नई तकनीक है। हालांकि इससे पहले भी ई-पटाखे बाजारों में बिक्री के लिए मौजूद थे, लेकिन उनकी तकनीक पुरानी और बेहद साधारण थी, जिसके चलते इससे पहले बाजार में ई-पटाखों का चलन ना के बराबर ही था।  लालकिला स्थित भागीरथ पैलेस मार्केट में दीपावाली के मद्देनजर नई तकनीक से तैयार ई-पटाखों की बिक्री तेजी से हो रही है।

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e-crackers - फोटो : अमर उजाला

इस मार्केट में ई-पटाखा खरीद रहे वरुण शर्मा ने बताया कि ई-पटाखे काफी खास हैं। उन्होंने बताया कि इनके प्रयोग से न तो आग लगने का खतरा होता है और न ही बच्चों द्वारा चलाने पर कोई खतरा होने की संभावना है। सबसे खास बात यह है कि इन पटाखों के प्रयोग से प्रदूषण भी नहीं फैलता। हालांकि ई-पटाखे दिखने में बारूद वाले पटाखों की लड़ी जैसे ही दिखते हैं, लेकिन फटते नहीं।

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e-crackers - फोटो : अमर उजाला

उधर दूसरी ओर कामकाजी महिला अर्चना साह अग्रवाल ने बताया कि दीपावाली के मौके पर उनके घर में पटाखे चलाने की परम्परा है और पटाखों की ब्रिकी बंद हो जाने से उनके बच्चों के  लिए ई-पटाखे बेहतर विकल्प साबित हो रहे हैं। इस बार ई-पटाखे चलाने का उनका अनुभव बिल्कुल नया होगा। हालांकि ये पटाखे बारूद वाले पटाखों की तुलना में महंगे जरूर हैं, लेकिन सबसे बड़े त्योहार पर इन पटाखों की खरीदारी से उनके बजट पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

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