उत्तराखंड के काशीपुर के मानपुर रोड पर एक खेत में गुलदार का शावक मिलने से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वार्ड नम्बर 40 में कचनाल गाजी में गेबिया नाले के निकट मंगलवार सुबह कुछ किसानों ने एक गुलदार का शावक देखकर उसे पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने शावक को कब्जे में लेकर उसी स्थान पर छोड़ा है जहां से शावक मिला था।
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मादा गुलदार भी देखी जा रही है क्षेत्र में
- फोटो : amar ujala
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ दिन से क्षेत्र में मादा गुलदार भी देखी जा रही है, जिससे क्षेत्र के लोग दहशत में हैं। वन विभाग के अनुसार शावक की उम्र करीब एक माह है। फिलहाल वन विभाग क्षेत्र में ट्रेप कैमरे लगाने की तैयारी कर रहा है।
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दहशत का माहौल
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वहीं विकासनगर में कालसी तहसील क्षेत्र के खड़ीन गांव में गुलदार ने छह बकरियों को मार गिराया। गुलदार के हमले से पशुपालकों में दहशत का माहौल है। पशुपालकों को पशुधन की चिंता सता रही है। उन्होंने वन विभाग से मुआवजे की गुहार लगाते हुए क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है। गांव निवासी अमर सिंह चौहान की पांच और अतर सिंह का एक बकरा बीते दो दिन से गायब चल रहा था।
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पशुपालकों ने पशुओं को चराने के लिए जंगल की ओर जाना छोड़ दिया
- फोटो : अमर उजाला (file photo)
सोमवार को क्षेत्रीय लोग गायब बकरियों की तलाश में जंगल की ओर गए तो वहां पर उक्त सभी बकरियों और बकरा मृत हालत में मिली। गांव निवासी अनिल तोमर, गजेंद्र सिंह गज्जू, रमेश तोमर, सुनील तोमर का कहना है कि गुलदार के डर से पशुपालकों ने पशुओं को चराने के लिए जंगल की ओर जाना छोड़ दिया है। शाम ढलते ही लोग घरों में दुबक जाते हैं।
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सड़क किनारे गुलदार
- फोटो : अमर उजाला (file photo)
पौड़ी में पोखड़ा ब्लाक के किमगड़ीगाड़ के ग्रामीणों ने गुलदार से निजात दिलाने की मांग को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपा है। पूर्व ब्लाक प्रमुख पोखड़ा सुरेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में डीएम से मिले ग्रामीणों ने बताया कि चौबट्टाखाल तहसील के तहत किमगड़ीगाड़ क्षेत्र में ग्रामीण गुलदार से परेशान हैं। क्षेत्र के कुई, मजगांव, मालकोट, भरतपुर, डबरा आदि गांवों में लंबे समय से गुलदार की दहशत बनी हुई है।