तोंदू सिपाहियों की आई शामत, किसी का वेतन कट तो कोई लाइन हाजिर
उत्तराखंड के रुद्रपुर में जिले भर से ड्यूटी पर आए तोंदू सिपाहियों की शामत आ गई। एसएसपी ने सही ढंग से वर्दी नहीं पहनने और बीएमआई के अनुरूप वजन नहीं घटाने वाले सिपाहियों की जमकर क्लास ली और मैदान के चक्कर लगवाए। एसएसपी ने सात सिपाहियों का एक दिन का वेतन काटने, चार सिपाहियों को पुलिस लाइन, दो सिपाहियों को सशस्त्र पुलिस में भेजने के साथ ही एक सिपाही को निलंबित कर दिया। एसएसपी की कार्रवाई से अधीनस्थों में हड़कंप मचा रहा।
तोंदू सिपाहियों की आई शामत, किसी का वेतन कट तो कोई लाइन हाजिर
मुख्यमंत्री का दौरा टलने के बाद ड्यूटी पर आए सभी अधिकारी और सिपाहियों को एसएसपी केवल खुराना ने पुलिस लाइन मैदान में तलब कर वजन तुलवाने की मशीन मंगवाई। बारी-बारी से सिपाहियों को बुलाया गया और वजन तुलवाया गया। अधिकांश सिपाहियों का वजन बीएमआई के अनुरूप नहीं मिला और ज्यादा वजन पाया गया।
तोंदू सिपाहियों की आई शामत, किसी का वेतन कट तो कोई लाइन हाजिर
कुछ सिपाहियों ने वर्दी भी ठीक ढंग से नहीं पहनी थी और कुछ की वर्दी साफ नहीं थी। एसएसपी ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सिपाहियों को कद-काठी के अनुरूप चार से छह चक्कर पुलिस लाइन मैदान के लगवाने के आदेश दिए। खटीमा में दमकल विभाग में तैनात सिपाही जगदीश प्रसाद जब वजन तुलवाने पहुंचा तो उसकी वर्दी पर जगह-जगह गुटखे के छींटों के निशान थे।
तोंदू सिपाहियों की आई शामत, किसी का वेतन कट तो कोई लाइन हाजिर
यह देख एसएसपी का पारा चढ़ गया और तत्काल उसे निलंबित कर दिया। एसएसपी ने दो कांस्टेबल खिलानंद जोशी और शाकिर अली को सीपी से एपी कर दिया गया, जबकि दीप चंद्र, प्रकाश, कृष्ण मोहन, प्रकाश तिवारी, भूपाल सिंह, जगदीश सिंह, कुंदन वर्मा का एक-एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया। कुल मिलाकर 43 सिपाहियों का वजन तुलवाया गया और वर्दी जांची गई। एसएसपी खुराना ने बताया कि आदेश के बावजूद सिपाहियों ने अपना वजन नहीं घटाया।
तोंदू सिपाहियों की आई शामत, किसी का वेतन कट तो कोई लाइन हाजिर
खटीमा कोतवाली में तैनात सिपाही शाकिर अली का वजन ज्यादा निकला तो एसएसपी ने मैदान के चक्कर लगाने के निर्देश दिए। सिपाही ने बीमारी होने की वजह से चक्कर लगाने में असमर्थता जताई तो एसएसपी ने सशस्त्र पुलिस में भेजने के आदेश दिए। जिसके बाद सिपाही ने गिड़गिड़ाते हुए एसएसपी से सशस्त्र पुलिस में नहीं भेजने की गुहार लगाई।