प्रदेश की सियासत में नेतृत्व परिवर्तन से सिर्फ ‘कप्तान’ बदला है, जबकि टीम पुरानी है। अगले साल होने वाले चुनाव के लिए समय बहुत कम है। शेष होने से पुष्कर सिंह धामी की टीम इलेवन को मिशन 2022 के लिए जान फूंकनी होगी। मुख्यमंत्री धामी पुरानी टीम इलेवन से सियासी पारी खेलेंगे। नए चेहरे को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया।
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शपथ ग्रहण से पहले नेतृत्व परिवर्तन को लेकर वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी चर्चा से सियासी माहौल गरमाया रहा। इसी बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पार्टी नेताओं से शिष्टाचार भेंट कर उनका स्नेह और आशीर्वाद लिया। बगावत को देखते हुए भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने सिर्फ कप्तान बदला। बाकी टीम पुरानी है।
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तीरथ सरकार में जिन मंत्रियों ने शपथ ली थी। धामी सरकार में उन्हीं 11 मंत्रियों ने पद की शपथ ली है। नए कप्तान को पुरानी टीम इलेवन से सियासी पारी खेल कर चुनावी मैच में जीत हासिल करनी है।
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सीएम पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी
- फोटो : अमर उजाला
तीरथ सरकार के शपथ ग्रहण में बिशन सिंह चुफाल, बंशीधर, गणेश जोशी को कैबिनेट मंत्री और यतीश्वरानंद को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। लेकिन इस बार भाजपा हाईकमान ने नेतृत्व परिवर्तन में कैबिनेट मंत्रियों में न तो फेरबदल किया और न ही नए चेहरे को जगह दी है।
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सीएम पुष्कर सिंह धामी
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नए कप्तान के सामने 2022 का चुनाव सबसे बड़ी चुनौती है। इसके लिए उन्हें और उनकी टीम को चुनाव के लिए पूरी ताकत झोंकनी पड़ेगी। सरकार के पास चुनाव को लेकर समय कम है और पहाड़ जैसी चुनौतियों से पार पाना है।
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पुष्कर सिंह धामी
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर ही भाजपा ने दांव क्यों लगाया? इसकी सबसे बड़ी वजह उनका युवा, पढ़ा लिखा और ऊर्जावान होना है। राज्य में युवा वोटरों की अच्छी खासी संख्या है। धामी को कमान देने से कुमाऊं में भाजपा को मजबूती मिलने की उम्मीद है। कम समय में युवा मुख्यमंत्री ज्यादा तेजी और ऊर्जा से दौड़ भाग कर सकेंगे।
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पुष्कर सिंह धामी
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युवा धामी के लिए खांटी नेताओं का नेतृत्व करना आसान नहीं होगा। उनके मंत्रिमंडल में शामिल कई दिग्गज नेता अनुभव और सियासी जोड़तोड़ में उनसे काफी आगे हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें साथ लेकर चलना उनके लिए आसान नहीं होगा। थोड़े वक्त में खांटी मंत्रियों के साथ समन्वय बनाकर चलने और खुर्राट नौकरशाही को साधने के लिए उन्हें अपना पूरा सियासी कौशल झोंकना होगा।