उत्तराखंड के कंगसाली में हुई वाहन दुर्घटना में पांच घरों के इकलौते चिराग बुझ गए। किसी के भी घर में चूल्हा नहीं जला। गांव के अजयपाल सिंह ने संतान सुख से वंचित अपने बड़े भाई दरमियान सिंह को एक पुत्र गोद दिया था, जिससे दोनों भाई एक-एक बच्चे के साथ खुशी-खुशी जीवन-यापन कर रहे थे। मंगलवार को भी दोनों भाईयों के बच्चे स्कूल जा रहे थे, लेकिन कुछ देर बाद ही वाहन दुर्घटना में दोनों बच्चों की मौत होने से उनकी खुशियां गम में बदल गईं।
पांच घरों के इकलौते चिरागों की जिंदगी लील गया स्कूल वैन हादसा, सामने आई चौंकाने वाली बातें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव के रिंकू दास, विशन सिंह और सोबन सिंह भी अपने एक-एक बच्चे के साथ जिंदगी के सपने बुन रहे थे, लेकिन एक लापरवाही ने उनकी खुशियां पलभर में ही छीन लीं। इस दुखद घटना से माता-पिता सदमे में हैं। गांव में हुई इस बड़ी हृदयविदारक घटना से हर कोई सकते में है। इस दुर्घटना के बाद से गमजदा गांव में किसी घर में चूल्हा नहीं जला। मंगलवार सुबह-सुबह हुई इस दुर्घटना के बाद दिनभर लोग बच्चों की कुशलक्षेम पूछते रहे। अपने बच्चों के गम में बेसुध माता-पिता को सांत्वना देने वाले नाते-रिश्तेदारों का दिनभर गांव में तांता लगा रहा।
हादसा होते ही फरार हो गया चालक और उसका पिता
कंगसाली के पास दुर्घटनाग्रस्त हुई स्कूल मैक्सी कैब का चालक और उसके साथ गाड़ी में बैठकर चल रहा उसका पिता दुर्घटना होते ही मौके से फरार हो गए। स्कूल का प्रिंसीपल भी गायब हो गया। चालक को पुलिस ने देर शाम पिलखी से गिरफ्तार कर लिया, लेकिन उसका पिता और प्रिंसीपल पुलिस की पकड़ में नहीं आ सके हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को स्कूल छोड़ने और घर ले जाने के लिए मैक्सी कैब चार-पांच दिन पहले ही लगाई थी।
दो दिन पहले भी पहाड़ी से टकराई थी कार
दुर्घटना में घायल बच्चों ने बताया कि चालक लक्ष्मण रतूड़ी ने दो दिन पहले भी गाड़ी को पहाड़ी से टकरा दिया था। मंगलवार सुबह भी चालक काफी तेज स्पीड में चल रहा था। वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते ही चालक और उसके पिता प्रेमदत्त ने पहले ही छलांग लगा दी। उसके बाद दोनों पिता-पुत्र घटनास्थल से फरार हो गए। अस्पताल में घायल बच्चों की कुशलक्षेम पूछने पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि वाहन में क्षमता से अधिक सवारी बिठाने पर अभिभावकों ने एतराज भी जताया था, लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी।
बिना मान्यता चल रहा था स्कूल
मदननेगी में दो साल से चल रहा ऐंजल्स इंटरनेशनल स्कूल बिना मान्यता के चल रहा है, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने एक माह पूर्व स्कूल प्रबंधन को नोटिस थमाकर अपने कार्यों की इतिश्री कर ली। इस मामले में घोर लापरवाही बरतने पर डीएम डा. वी षणमुगम ने जाखणीधार ब्लॉक के उप खंड शिक्षा अधिकारी धनवीर सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।