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देहरादून: लेखिका शशि कुड़ियाल की दो नई रचनाओं का विमोचन, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष की मौजूदगी में हुआ समारोह

Thu, 27 Aug 2026 12:12 PM IST
Renu Saklani माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Thu, 27 Aug 2026 12:12 PM IST
सार

उत्तराखंड की लेखिका शशि कुड़ियाल चंद्रभा की दो नई रचनाओं का विमोचन संपर्क संस्थान के रजत जयंती महोत्सव में किया गया। उनके काव्य संग्रह कुछ दिल ने कहा और कहानी संग्रह सात फेरे का लोकार्पण साहित्य प्रेमियों की उपस्थिति में हुआ। यह महोत्सव राजस्थान के किशनगढ़ में आयोजित किया गया था।

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Shashi Kudiyal Books Kuch Dil Ne Kaha and Saat Phere Released at Sampark Sansthan Silver Jubilee Festival
शशि कुड़ियाल ‘चंद्रभा’ की दो कृतियों का विमोचन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

राजस्थान के किशनगढ़ में आयोजित संपर्क संस्थान के रजत जयंती महोत्सव में उत्तराखंड की लेखिका, कवयित्री एवं शिक्षिका शशि कुड़ियाल ‘चंद्रभा’ की दो साहित्यिक कृतियों ‘कुछ दिल ने कहा और ‘सात फेरे’ का विमोचन हुआ। कुछ दिल ने कहा’ काव्य संग्रह है, जबकि ‘सात फेरे’ सच्ची घटनाओं पर आधारित कहानी संग्रह है।

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उत्तरकाशी की मूल निवासी और वर्तमान में देहरादून में रह रहीं शशि कुड़ियाल ने अंग्रेजी साहित्य में एमए और बीएड की शिक्षा प्राप्त की है। वह पिछले 17 वर्षों से शिक्षण कार्य से जुड़ी हैं और वर्ष 2019 से साहित्य सृजन में सक्रिय हैं। उनकी प्रमुख कृतियों में ‘दिल से दिल तक’, ‘कुछ दिल ने कहा’ और ‘सात फेरे’ शामिल हैं। उनकी रचनाएं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं और साझा संग्रहों में प्रकाशित होती रही हैं।

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स्वर्गीय मां से मिली लेखन की प्रेरणा
काव्य संग्रह ‘कुछ दिल ने कहा में मानवीय संवेदनाओं, स्मृतियों, वैवाहिक जीवन, बदलते रिश्तों, प्रकृति और जीवन के विभिन्न पड़ावों से जुड़े भावों को कविताओं के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया है। संग्रह में मुक्तक, क्षणिकाएं और सूक्तियां भी शामिल हैं। वहीं ‘सात फेरे’ में दांपत्य जीवन की सच्ची घटनाओं और अनुभवों के माध्यम से पति-पत्नी के रिश्ते, भावनात्मक दूरी, आपसी समझ और परिवार के बदलते स्वरूप को कथाओं में प्रस्तुत किया गया है।

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लेखिका शशि कुड़ियाल का कहना है कि उनके लेखन की प्रेरणा उन्हें अपनी स्वर्गीय मां से मिली है। वह अपनी साहित्यिक यात्रा में मिले सहयोग का श्रेय अपने पति कृष्ण चंद्र कुड़ियाल, दोनों पुत्रों, स्वर्गीय माता-पिता और सास-ससुर को देती हैं। साहित्य, शिक्षा, कला और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें विभिन्न सम्मानों से भी अलंकृत किया जा चुका है। वर्तमान में वह उद्यमिता के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं।



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संपर्क संस्थान के रजत जयंती महोत्सव में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी मुख्य अतिथि और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी अध्यक्ष के रूप में मौजूद रहे। किशनगढ़ विधायक डॉ. विकास चौधरी, रोजियम ग्रुप के चेयरमैन अर्पित जैन और किशनगढ़ मार्बल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुधीर जैन विशिष्ट अतिथि रहे।

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