फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

पत्थरों की ओट में बैठी बबली ने चार घंटे मौत को करीब से देखा, आंखों के सामने दफन हो गया पूरा परिवार

Fri, 31 Aug 2018 09:20 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नई टिहरी
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नई टिहरी Updated Fri, 31 Aug 2018 09:20 AM IST
विज्ञापन
Only single child alive during landslide in tehri emotional story
landslide

बुधवार को टिहरी में भूस्खलन से हुए भयानक हादसे में बची 14 साल की बबली पर 'जाको राखे सांइयां मार सके ना कोई' कहावत एकदम सटीक बैठती है। बबली ने चार घंटे तक मौत को इतने करीब से देखा कि अब वह सदमे में है। उसकी आंखों के सामने उसका सात लोगों का पूरा परिवार जिंदा दफन हो गया और वह पत्थर की ओट में बैठी सुबकती रही। आंखों से आंसू बह रहे थे बस। जब बच्ची को वहां से निकाला गया तो उसकी हालत देख वहां मौजूद लोगों का कलेजा भी मुंह को आ गया।

Only single child alive during landslide in tehri emotional story
landslide

बता दें कि, उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण टिहरी में हुए भूस्खलन में उमा सिंह के परिवार के सात लोग मलबे में जिंदा दफन हो गए, जबकि उनकी 11 वर्षीय पोती बबली को ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे से बाहर निकाला। मृतकों में मोर सिंह (32) पुत्र उमा सिंह,  हंसदेई (28) पत्नी मोर सिंह, आशीष (10) पुत्र मोर सिंह,  संजू देवी (24) पत्नी हुकम सिंह,  अतुल (8) पुत्र हुकम सिंह, लक्ष्मी देवी (24) पत्नी राकेश सिंह, स्वाति (3) पुत्री राकेश सिंह की मौत हो गई।

Only single child alive during landslide in tehri emotional story
cloud burst - फोटो : amar ujala

लेकिन इस दौरान चार घंटे तक मौत को बेहद करीब से देखने वाली बबली को सकुशल बचा लिया गया। उसे मामूली चोटें आई हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे मौके पर ही उपचार दिया। पहाड़ी की तरफ से हुए भारी भूस्खलन उनके मकान के मलबे को भी काफी दूर तक ले गया था। आसपास पास कुछ भी नहीं दिखाई पड़ रहा था। हर कोई हैरान-परेशान था और इन तीनों भाइयों के परिवार वालों की खोजबीन में जुटा था।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Only single child alive during landslide in tehri emotional story
cloud burst - फोटो : amar ujala

मलबा अधिक होने के चलते जमींदोज हुए घर में सोए लोगों का भी कुछ पता नहीं चल पा रहा था। कुछ दूरी पर मलबे में दबे दो शवों का कुछ हिस्सा दिखाई पड़ा। इस बीच, करीब चार घंटे की खोजबीन के बाद एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम को मकान के पत्थरों की ओट में उन्हें चौदह वर्षीय बबली दिखाई दी। वह रजाई में लिपटी थी, उसकी सांसें चल रही थी।

विज्ञापन
Only single child alive during landslide in tehri emotional story
landslide

पत्थरों की ओट की वजह से वह मलबे में दबने से बच गईं। डाक्टरों की उसकी स्थिति सामान्य बताई है। हादसे में बीच बबली राजकीय इंटर कालेज कोट विशन में कक्षा 6 की छात्रा है। परिवार के अन्य सदस्यों की मौत का पता चलने के बाद से वह सहमी हुई है। किसी से ज्यादा बातचीत भी नहीं कर रही है। उसके दादा और दादी भी हादसे के बाद से सदमे में हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed