उत्तराखंड: स्केटिंग ट्रैक और खिलाड़ी तैयार, कोच का इंतजार, दो साल से विभाग नहीं कर पा रहा स्थाई नियुक्ति
दो साल से खेल विभाग स्केटिंग कोच की स्थाई नियुक्ति नहीं कर पा रहा है। प्रदेश में इस खेल के करीब 26 साल के इतिहास के बावजूद अभी तक कोई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान नहीं बना सका है।
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उत्तराखंड में रोलर स्केटिंग को बढ़ावा देने के दावों के बीच खिलाड़ियों के सामने बुनियादी सुविधाओं का संकट बना हुआ है। करीब दो साल पहले रोलर स्केटिंग के लिए खेल विभाग की ओर से व्यवस्था किए जाने के बावजूद खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने के लिए अब तक नियमित कोच उपलब्ध नहीं हो सका है। कोच के अभाव में खिलाड़ियों का नियमित अभ्यास प्रभावित हो रहा है और नई प्रतिभाओं को उचित प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
रोलर स्केटिंग में प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड की मौजूदगी अब भी कमजोर है। प्रदेश में इस खेल के करीब 26 साल के इतिहास के बावजूद अभी तक कोई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान नहीं बना सका है। ऐसे में विशेषज्ञों और खिलाड़ियों का कहना है कि अगर प्रशिक्षण की व्यवस्था मजबूत नहीं की गई तो प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का आगे बढ़ना मुश्किल होगा।
प्रतिभा को सही दिशा नहीं मिल पा रही
खिलाड़ियों ने कहा कि रोलर स्केटिंग में तकनीक, फिटनेस, स्पीड और संतुलन का विशेष महत्व है। इसके लिए नियमित और विशेषज्ञ प्रशिक्षण जरूरी है। कोच के अभाव में खिलाड़ी अपने स्तर पर अभ्यास करने को मजबूर हैं। इससे उनकी तकनीकी कमियां दूर नहीं हो पा रही हैं और प्रतियोगिताओं की तैयारी भी प्रभावित हो रही है। वहीं, अभिभावकों का कहना है कि बच्चों में खेल को लेकर उत्साह है, लेकिन पर्याप्त प्रशिक्षण और मार्गदर्शन नहीं मिलने से उनकी प्रतिभा को सही दिशा नहीं मिल पा रही।
राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए नियमित कोचिंग और आधुनिक सुविधाओं की जरूरत है। कहा कि अगर सरकार और विभाग रोलर स्केटिंग को गंभीरता से बढ़ावा दें तो उत्तराखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय उपलब्धियों के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं।
विवादों में रहती है एसोसिएशन
समय-समय पर जिला और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन तो किया जाता है। लेकिन एसोसिएशन के विवादों के चलते 26 वर्षों के इतिहास में कोई भी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक नहीं पहुंचा। बीते साल मई में उत्तराखंड रोलबॉल एसोसिएशन की ओर से ओपन राज्य रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया गया था। इसे उत्तराखंड रोलर स्केटिंग एसोसिएशन ने अनाधिकृत बताते हुए खेल विभाग को पत्र भेजा था।
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रोलर स्केटिंग के लिए विभाग की ओर से अनुबंध पर कोच की नियुक्ति की गई थी। लेकिन कुछ समय पहले ही कोच ने नौकरी छोड़ी है। ऐसे में विभाग की ओर से एक बार फिर नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति निकाली है। जल्द ही कोच की नियुक्ति होने के बाद खिलाड़ियों को नियमित कोचिंग मिल सकेगी। - शबाली गुरुंग, जिला क्रीड़ा अधिकारी