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देवभूमि में मौजूद 11 हजार फीट ऊंचाई पर सबसे खतरनाक रास्ते पर रोमांच की सैर, तस्वीरें

Sun, 27 Nov 2016 09:37 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 27 Nov 2016 09:37 AM IST
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most dangerous path of nelong valley in uttarkashi
nelong valley

दुनिया के सबसे खतरनाक रास्तों में शुमार रोमांच भरपूर इस रास्ते पर जल्द ही आप सैर कर सकेंगे, लेकिन 11 हजार फीट की ऊंचाई पर चलना कमजोर दिल वालों के बस की बात नहीं है।

most dangerous path of nelong valley in uttarkashi
nelong valley

समुद्रतल से 11 हजार फीट ऊंचा यह रास्ता उत्तरकाशी जिले में भारत-चीन सीमा पर जाड़ गंगा घाटी में पड़ता है। पिछले दिनों नेहरू पर्वतारोहण संस्‍थान (निम) और पर्यटन विभाग की टीम ने इस रास्ते का निरीक्षण किया। आधा किमी. लंबी यह गर्तांगली 1962 में भारत-तिब्बत व्यापार का प्रमुख मार्ग हुआ करती थी।
 

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nelong valley

केंद्र की स्वदेश योजना के तहत उत्तराखंड सरकार इस गर्तांगली को पर्यटन सर्किट से जोड़ने की तैयारी कर रही है। पर्यटन विभाग निम की मदद से इन गर्तांगली की इन सीढ़ियों की मरम्मत करेगा। बताया जाता है कि यह मार्ग 17वीं सदी में पेशावर से आए पठानों द्वारा बनाया गया था।
 

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most dangerous path of nelong valley in uttarkashi
nelong valley opens for tourist

भारत चीन युद्ध के समय वर्ष 1960 में खाली कराए गए गांवों के अवशेष, हिमालय के पठारों से गुजरती सड़क, हिमाच्छादित चोटियां, नदियां एवं झरने और आसपास विचरण करते वन्य जीवों का नजारा किसे नहीं भाएगा। ऐसा ही नजारा उत्तरकाशी की नेलांग घाटी आम है। सामरिक महत्व की इस घाटी में देश की सीमा की रक्षा में मुस्तैद आईटीबीपी के हिमवीरों का जज्बा भी रोमांच पैदा करता है।
 

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nelong valley opens for tourist

इन तमाम संभावनाओं के बावजूद इनर लाइन की लंबी औपचारिकताओं के चलते घाटी में पर्यटन को अपेक्षित बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है। इतिहास पर नजर डालें तो कभी उत्तरकाशी से नेलांग के रास्ते तिब्बत के साथ व्यापार होता था। वर्ष 1960 में भारत-चीन युद्ध की सुगबुगाहट के बीच सीमा के पास बसे जाड भोटिया समुदाय के नेलांग और जाढ़ूंग गांव खाली करा कर सरकार ने इस क्षेत्र को प्रतिबंधित कर दिया था।
 

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