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Dehradun News: 700 बीघा जनजातीय भूमि में हेरफेर का मामला सीएम दरबार पहुंचा
Tue, 25 Aug 2026 12:40 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Tue, 25 Aug 2026 12:40 AM IST
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जौनसार-बावर क्षेत्र में वर्ष 1983-84 के भूमि बंदोबस्त के दौरान करीब 700 बीघा जनजातीय भूमि के कथित अवैध अंतरण और राजस्व अभिलेखों में बड़ी गड़बड़ी का मामला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंच गया है। रुद्रसेना देवभूमि फाउंडेशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने सीएम से मुलाकात कर मूल अभिलेखों की उच्चस्तरीय जांच और नियम विरुद्ध इंद्राज निरस्त करने की मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल में फाउंडेशन के संस्थापक राकेश तोमर उत्तराखंडी, सेवानिवृत्त एडीएम उदय सिंह राणा, सेवानिवृत्त आईबी अधिकारी पूरन सिंह चौहान और प्रियांशु तोमर शामिल रहे। उन्होंने सीएम को बताया कि ग्राम हटाल, सैंज, रडू और अणु के 1951-52 और 1983-84 के राजस्व अभिलेखों के मिलान में भारी विसंगतियां मिली हैं। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि इन फर्जी प्रविष्टियों का उच्चस्तरीय परीक्षण कराकर उन्हें निरस्त किया जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई हो। यह मुद्दा केवल भूमि विवाद नहीं, बल्कि जनजातीय अधिकारों और क्षेत्र के सामाजिक हितों से जुड़ा है।
सीएम बोले- जल्द होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले को गंभीरता से सुनते हुए इसे उत्तराखंड का एक बड़ा प्रकरण बताया। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को जल्द आवश्यक और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई है कि सरकार अवैध अंतरण रद्द कर भूमि मूल निवासियों को लौटाएगी और क्षेत्र की डेमोग्राफी से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर ठोस कदम उठाएगी।
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प्रतिनिधिमंडल में फाउंडेशन के संस्थापक राकेश तोमर उत्तराखंडी, सेवानिवृत्त एडीएम उदय सिंह राणा, सेवानिवृत्त आईबी अधिकारी पूरन सिंह चौहान और प्रियांशु तोमर शामिल रहे। उन्होंने सीएम को बताया कि ग्राम हटाल, सैंज, रडू और अणु के 1951-52 और 1983-84 के राजस्व अभिलेखों के मिलान में भारी विसंगतियां मिली हैं। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि इन फर्जी प्रविष्टियों का उच्चस्तरीय परीक्षण कराकर उन्हें निरस्त किया जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई हो। यह मुद्दा केवल भूमि विवाद नहीं, बल्कि जनजातीय अधिकारों और क्षेत्र के सामाजिक हितों से जुड़ा है।
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सीएम बोले- जल्द होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले को गंभीरता से सुनते हुए इसे उत्तराखंड का एक बड़ा प्रकरण बताया। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को जल्द आवश्यक और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई है कि सरकार अवैध अंतरण रद्द कर भूमि मूल निवासियों को लौटाएगी और क्षेत्र की डेमोग्राफी से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर ठोस कदम उठाएगी।
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