30 जून 2016 की कुमालगौनी आपदा में अपना घर, आंगन गंवाने वाली एक बिटिया की मंगलवार को शादी हो गई। कुमालगौनी के आपदा प्रभावितों के साथ ही स्थानीय लोगों ने बिटिया की विदाई में कोई कसर नहीं छोड़ी, पर अपने घर, आंगन से विदाई होने के स्थान पर पंचायतघर से विदाई होने का दर्द दुल्हन के साथ ही परिजनों में साफ झलक रहा था।
विदाई के वक्त बिटिया को याद आया आपदा का दर्द, सुनकर रो पड़ा पूरा गांव
ब्यूरो /अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Wed, 10 May 2017 05:35 PM IST
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