बेटे ने टॉप किया है सुनकर हलवाई पिता की खुशी का ठिकाना न रहा। बेटे ने जब उनके सामने ये एक बात कही तो मां की आंखे में जैसे सैलाब उमड़ पड़ा।
शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान के चलते सुभाष कॉलोनी निवासी रामकिशन को इन दिनों जहां जगह मिल जाती है, वहीं अपना जलेबी और समोसे का ठेला लगा लेते हैं। शनिवार को कहीं भी जगह नहीं मिलने पर रामकिशन ने अपनी कॉलोनी में ही ठेला लगा रखा था। उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि शनिवार वह जलेबी कमाई के लिए नहीं बना रहे हैं, बल्कि आज तो उन्हें यह सारी जलेबी खुशी और भावुकता के साथ मोहल्ले वालों को खिलानी है।
उत्तराखंड बोर्ड का रिजल्ट आते ही जैसे ही उन्हें पता चला कि उनके बेटे नवनीत पाल ने हाईस्कूल में टॉप (18वीं रैंक) किया है तो उन्होंने सारी जलेबियां मोहल्ले वालों में बांट दीं। नवनीत की इस उपलब्धि पर परिवार खुशी से झूम उठा। इत्तफाक से नवनीत की बड़ी बहन भी मायके आई हुई थी, उसकी खुशी का भी ठिकाना नहीं रहा। बेटे की उपलब्धि पर भावुकता के बीच परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
मां लीलावती ने बताया कि उनके पति शुरू से ही ठेले पर जलेबी और समोसे बनाकर बेचते हैं। बड़े बेटे ने भी स्कूल के दिनों से पिता का हाथ बंटाना शुरू कर दिया था। इस कारण वह अधिक नहीं पढ़ सका था। अब नवनीत ने टॉप किया है तो उम्मीद है कि शायद भविष्य में वह जरूर कुछ बन जाएगा। और इतना कहते ही लीलावती, नवनीत और अन्य परिजन फफक पड़े। शायद उन्हें अपने संघर्ष के दिन याद आ गए होंगे...।
होनहार नवनीत ने बताया कि पिता लंबे समय से पैरों की तकलीफ से परेशान हैं और मम्मी को भी मधुमेह की बीमारी है। कहा कि उसका सपना है कि भविष्य में डॉक्टर बनकर वह मां और पिता का इलाज कर उन्हें स्वस्थ कर सके। नवनीत कहते हैं कि उन्होंने बहुत गरीबी देखी है, इसलिए डॉक्टर बनकर गरीबों की सेवा करेंगे। बताया कि अपना सपना पूरा करने के लिए वह पढ़ाई के साथ-साथ नीट की भी तैयारी कर रहे हैं।