सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी है। इस कमी को दूर करने के लिए उत्तराखंड मेडिकल सर्विस सलेक्शन बोर्ड ने तैयारी शुरू कर दी है। शासन ने 712 डॉक्टरों को भर्ती करने का अनुरोध उत्तराखंड मेडिकल सर्विस सलेक्शन बोर्ड से किया था। जिस पर बोर्ड ने तैयारी शुरू की है।
{"_id":"59b2411c4f1c1be77f8b4ef7","slug":"bumper-jobs-in-government-hospitals","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"सरकारी अस्पतालों में 712 खाली पदों पर होगी भर्ती, जानकारी के लिए क्लिक करें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी अस्पतालों में 712 खाली पदों पर होगी भर्ती, जानकारी के लिए क्लिक करें
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 09 Sep 2017 08:33 AM IST
विज्ञापन
डेमो
- फोटो : डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दून अस्पताल
- फोटो : file photo
स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों के 2715 पद स्वीकृत हैं। इसने सापेक्ष करीब 1086 डॉक्टर ही कार्य कर रहे हैं। लंबे समय से 1629 डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। इसके कारण लोगों का सरकारी अस्पतालों से भरोसा कम हो रहा है।
- फोटो : डेमो पिक
जननी सुरक्षा योजना के तहत सारी व्यवस्थाएं निशुल्क होने के बाद भी प्रसूताओं की संख्या लगातार कम हुई है। पहाड़ के अस्पतालों की हालत और भी खराब है। इसके मद्देनजर शासन ने इस बार डॉक्टरों को बड़ी संख्या में पर्वतीय क्षेत्र के अस्पतालों में भेजा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अब दूसरे चरण में रिक्त पदों पर डॉक्टरों की भर्ती की तैयारी की गई है। बोर्ड अध्यक्ष डॉ.आईएस पाल के अनुसार मेडिकल ऑफिसर की तैनाती के तहत आनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। इसके लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 अक्तूबर रखी गई है। अगर आवेदक ज्यादा आए तो एक स्क्रीनिंग टेस्ट होगा। वरना साक्षात्कार के माध्यम से चयन किया जाएगा।
विज्ञापन
नौकरी
अभी तक खाली पदों पर संविदा आदि के आधार पर डॉक्टरों को तैनात किया जाता था, जिसके कारण डॉक्टर रुचि कम दिखाते थे। इस बार शासन ने प्रक्रिया में बदलाव किया है। इस बार डॉक्टरों की नियमित भर्ती की जाएगी। उम्मीद की जा रही है कि नियमित भर्ती होने से बड़ी संख्या में चिकित्सक आवेदन करेंगे। अपर सचिव स्वास्थ्य डॉ.पंकज पांडेय के अनुसार प्रयास है कि रिक्त पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया पूरी कर डॉक्टरों को तैनात कर दिया जाए।