फर्जीवाड़े पर लगाम कसने के लिए अब यहां भी आधार कार्ड मददगार साबित होगा। और यह नई व्यवस्था 15 मार्च 2018 से लागू हो जाएगी।
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अब यहां भी होगा Aadhaar का यूज, जानकर फर्जीवाड़ा करने वालों की हवा होगी टाइट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 20 Feb 2018 06:44 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
देशभर के होम्योपैथिक कॉलेजों में अब शिक्षक, कर्मचारियों के अलावा पीजी छात्रों की रोजाना आधार और लोकेशन से हाजिरी लगेगी। आयुष मंत्रालय के निर्देशों के तहत सेंट्रल काउंसिल फॉर होम्योपैथी (सीसीएच) ने सभी राज्यों को पत्र भेज दिया है। उत्तराखंड में भी होम्योपैथिक कॉलेजों में 15 मार्च से पहले यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। माना जा रहा है कि इस नियम के लागू होने से काफी हद तक फैकल्टी के फर्जीवाड़े पर रोक लग जाएगी।
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आयुष मंत्रालय ने गत वर्ष ‘आधार बेस्ड जियो लोकेशन अटेंडेंस’ का आदेश जारी किया था। आदेश के तहत सभी आयुर्वेदिक कॉलेजों में यह हाजिरी लागू हो गई थी, लेकिन सीसीएच ने इस पर आपत्ति जताई थी। अब सीसीआईएम ने 15 मार्च से पहले हर हाल में यह हाजिरी प्रक्रिया लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत सभी कॉलेजों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के अलावा कर्मचारियों और पीजी कोर्स कर रहे छात्रों को भी रोजाना इसी पैटर्न में अपनी हाजिरी लगानी होगी।
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इधर वह हाजिरी लगाएंगे, उधर पूरा रिकॉर्ड आयुष मंत्रालय तक पहुंच जाएगा। प्रदेश में आयुर्वेद विश्वविद्यालय को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह तुरंत इस पर काम करे और होम्योपैथिक कॉलेजों में भी हाजिरी शुरू कराए। यहां आधार का इस्तेमाल होने से फर्जी तौर पर एक ही फैकल्टी कई-कई कॉलेजों में काम नहीं कर पाएगी। अभी तक तमाम कॉलेज एक ही फैकल्टी के कागज जमा कराकर फर्जीवाड़ा करते थे।
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- फोटो : Getty Images
सरकार का आधार बेस्ड जियो लोकेशन अटेंडेंस नियम अच्छी पहल है। इससे फैकल्टी असली रहेगी और फर्जीवाड़े भी नहीं होंगे। सभी कॉलेजों को हर हाल में 15 मार्च से पहले यह व्यवस्था लागू करनी होगी।
- डॉ. आरके मिश्रा, डीन, आयुर्वेद विश्वविद्यालय
- डॉ. आरके मिश्रा, डीन, आयुर्वेद विश्वविद्यालय