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ये हैं 'हीरो आफ एन्वायरन्मेंट', अकेले किया ऐसा काम, मिला पद्मश्री

Tue, 06 Jun 2017 09:16 AM IST
amarujala.com- Written by: खुशबू गोयल
amarujala.com- Written by: खुशबू गोयल Updated Tue, 06 Jun 2017 09:16 AM IST
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World Environment Day‬, ‪June 5‬‬, hero of environment sant balbir singh seechewal
संत सीचेवाल
विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर हम आपको सुना रहे हैं, 'हीरो आफ एन्वायरन्मेंट' की कहानी, जिसने अकेले ऐसा काम कर​ दिखाया कि पद्मश्री अवार्ड मिला।
World Environment Day‬, ‪June 5‬‬, hero of environment sant balbir singh seechewal
‘पर्यावरण के हीरो’ के टाइटिल से नवाजे गए संत बलबीर सिंह सीचेवाल - फोटो : amarujala
हम बात कर रहे हैं, पर्यावरण कार्यकर्ता और सिख धर्मगुरु संत बलबीर सिंह सीचेवाल की। इसी साल इन्हें इनकी उपलब्धियों के लिए भारत सरकार ने पद्मश्री अवार्ड से नवाजा। इस शख्स ने अकेले प्रदूषित नदी की सफाई करके मिसाल पेश की।
World Environment Day‬, ‪June 5‬‬, hero of environment sant balbir singh seechewal
संत बलबीर सिंह सीचेवाल
पंजाब के होशियारपुर में बनी काली बेई नदी एक समय में बहुत प्रदूषित थी। उसमें नहाना तो छोड़, लोग उसके पास से निकल भी नहीं पाते थे। धीरे धीरे नदी के आसपास बसे 40 गांवों के लोग उसमें कचरा डालने लगे थे, लेकिन संत ने अकेले उसकी सफाई कर दी। सन् 2000 में पर्यावरण कार्यकर्ता बलबीर सिंह सीचेवाल ने इस नदी को साफ करने का काम शुरू किया था।
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World Environment Day‬, ‪June 5‬‬, hero of environment sant balbir singh seechewal
पीयू ने बलबीर सिंह सीचेवाल को किया सम्मानित - फोटो : अमर उजाला
संत ने अपने समर्थक और सहयोगी सेवकों के साथ मिलकर सबसे पहले इसके किनारों का निर्माण किया और नदी के किनारे पर सड़कें बनवाई। लोगों के बीच जनजागृति अभियान चलाया। इसके तहत लोगों से अपना कचरा कहीं और डालने को कहा गया। नदी में मिलने वाले गंदे नालों का रुख मोड़ा गया और नदी के किनारे बसे लोगों को इसकी पवित्रता को लेकर जागरूक किया।
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World Environment Day‬, ‪June 5‬‬, hero of environment sant balbir singh seechewal
बलबीर सिंह सीचेवाल - फोटो : अमर उजाला
नतीजा, जिस नदी के किनारे खड़े होने पर लोगों को नाक पर रुमाल रखना पड़ता था, आज उसी नदी के किनारे लोग पिकनिक मनाते हैं। काली बेई नदी होशियारपुर जिले में 160 किलोमीटर क्षेत्र में बहती है। यह वही काली बेई नदी है, जिसके किनारे 500 साल पहले गुरु नानक देव को अंतर्ज्ञान प्राप्त हुआ था। यहां से अंतर्ज्ञान प्राप्त होने बाद से ही नानक से गुरु नानक के रूप में पहचाने जाने लगे थे।

 
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