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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   CITU has demanded the removal of anti-worker provisions from labor regulations.

Chandigarh-Haryana News: सीटू ने श्रम नियमों के मजदूर विरोधी प्रावधान हटाने की मांग उठाई

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सीटू के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी आपत्तियां और सुझाव लिखित रूप में पेश किए
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फोटो संख्या : 05
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सीटू ने राज्य सरकार से केंद्र के चारों श्रम नियमों में शामिल मजदूर विरोधी प्रावधानों को हटाने की मांग की है। चंडीगढ़ स्थित श्रम विभाग के मुख्यालय में सोमवार को श्रम नियमों (लेबर कोड्स) पर चर्चा के लिए एक बैठक हुई। इस बैठक में सीटू के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी आपत्तियां और सुझाव लिखित रूप में प्रस्तुत किए। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महासचिव जय भगवान, सचिव सुनील दत्त और उपाध्यक्ष सतीश सेठी शामिल रहे। सीटू नेताओं ने कहा कि 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार श्रम नियम लागू किए गए हैं। यह नियोक्ताओं के पक्ष में है। उन्होंने इसे मजदूरों के अधिकारों पर गंभीर हमला बताया।

सीटू के अनुसार ठेका मजदूरों के हितों की रक्षा करने वाले प्रावधान कमजोर हुए हैं। हड़ताल का अधिकार भी सीमित किया गया है। ट्रेड यूनियनों के गठन और अस्तित्व पर भी हमले किए गए हैं। सीटू ने फिक्स्ड टर्म रोजगार, श्रम न्यायालयों को कमजोर करने और निरीक्षण व्यवस्था में ढील जैसे प्रावधानों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को सुपरवाइजरी श्रेणी में शामिल करना भी गलत है। सामाजिक सुरक्षा और श्रम कल्याण बोर्डों के अधिकारों में कटौती से करोड़ों कामगार बुनियादी अधिकारों से वंचित होंगे। सीटू ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और श्रम मंत्री को ज्ञापन देकर संशोधन की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि मजदूरों के अधिकारों पर लगातार हमले व्यापक संघर्ष का आधार बनेंगे।
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