PICS: एक शहर है इतना खास, जहां हर देवता का वास
हरियाणा में एक ऐसा शहर बसा है, रामायण-महाभारत में इसका उल्लेख है। ऋषि परशुराम को समर्पित 5 तालाब हैं। भगवान शिव और विष्णु की धरती है। तस्वीरों में देखिए, इस शहर को।
PICS: एक शहर है इतना खास, जहां हर देवता का वास
इस शहर का नाम है जींद। जींद जिले को इसका नाम जैंतापुरी से मिला है। जैंतापुरी एक प्राचीन तीर्थ है जिसका उल्लेख महाभारत में भी मिलता है। पांडवों ने देवी जयंती के सम्मान में जयंती देवी मंदिर का निर्माण किया था, जिन्हें सफलता एवं विजय की देवी माना जाता था। इस मंदिर के चारों ओर जैंतापुरी नगर बसा जिसे बाद में जींद के नाम से जाना गया।
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जींद में कई धार्मिक स्थल हैं। भगवान शिव का भूतेश्वर मंदिर है। इस मंदिर को जींद के शासक रघुबीर सिंह ने बनवाया था। धमतान साहिब में प्राचीन शिव मंदिर है और यहां ऋषि वाल्मिकी का आश्रम है, जिन्होंने रामायण महाकाव्य लिखा था। ऐसा माना जाता है कि जयंती मंदिर 550 साल से भी अधिक पुराना है।
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जींद के रामराई या राम्हरादा में योद्धा ऋषि परशुराम द्वारा निर्मित पांच तालाब हैं। हंसदेहर एक प्राचीन शहर है जो देखने योग्य है। पोंकर खेडी गांव में पुष्कर पवित्र स्थल है। पौराणिक शास्त्रों के अनुसार इसका निर्माण परशुराम ने किया था। बाबा फोंकर मंदिर एक अन्य धार्मिक स्थल है जहां लोगों का विश्वास और आस्था है।
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पुराणों के अलावा, यहां की गई खुदाई के आधार पर इस शहर की प्राचीनता को बताया गया है। हड़प्पन काल से पहले और बाद के कई चित्रित ग्रे वेयर मिट्टी के बर्तन इस जिले के आसपास पाए गए हैं। इसके अतिरिक्त प्राचीन पुराणों में इसके तीर्थों का उल्लेख भी प्राप्त वस्तुओं के निष्कर्ष में सहायता करता है।