महिलाओं से जुड़ी इन 7 बीमारियों को जानते हैं क्या?
पुरुषों की तरह महिलाएं भी कई तरह की बीमारियों से पीड़ित होती हैं। जानिए ऐसी ही 7 बड़ी और घातक बीमारियां के बारे में। हालांकि कई बीमारियों का इलाज भी हो जाता है, मगर कई ऐसी भी बीमारियां हैं, जिनसे महिलाओं को जूझना पड़ता है। इन्हें महिलाएं अपनी जिंदगी का हिस्सा मानकर चुपचाप सहती हैं।
महिलाओं से जुड़ी इन 7 बीमारियों को जानते हैं क्या?
इंटरनेशनल वूमेन डे के उपलक्ष्य पर पीजीआई के डाक्टर अमरजीत सिंह, डा. पूर्णिमा कौशल, डा. नेहा, डा. अविनाश कौर राणा ने बताया कि ये ऐसी बीमारियां हैं, जिनके बारे में जागरूकता की भारी कमी है। अस्पतालों में भीड़ होने के कारण महिलाएं अपने डाक्टर से ज्यादा बात भी नहीं कर पातीं।
महिलाओं से जुड़ी इन 7 बीमारियों को जानते हैं क्या?
पोलिसिस्टिक ओवरी डिस्आर्डर (पीसीओडी)
यह बीमारी सेक्स हार्मोन के असंतुलन से होती है। मासिक धर्म (पीरियड) अनियमित हो जाता है। इससे ओवरी में सिस्ट बनने लगती है। समस्या लंबे समय तक रहे तो गर्भ धारण में दिक्कत आती है। इससे पीड़ित महिलाओं में पुरुषों के हार्मोन बनने लगते हैं।
लक्षण- वजन बढ़ना, चेहरे पर बाल का आना, लगातार मुहांसे, सिर के आगे से बाल गायब होना।
कारण- जंक व तैलीय फूड, सैर और व्यायाम न करना, तनाव, धूम्रपान, मदिरापान आदि।
इलाज- हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं, फलों का सेवन करें, तला-भुना कम खाएं, रोज सैर और व्यायाम करें, दस से 12 गिलास पानी पिएं।
महिलाओं से जुड़ी इन 7 बीमारियों को जानते हैं क्या?
वेजाइनल डिस्चार्ज (लिकोरिया)
सफेद पानी आता रहता है। इससे बदबू, खुजली और जलन रहती है। इलाज न कराने पर महिलाएं डिप्रेशन में चली जाती हैं।
कारण- पीरियड के दौरान अंडरगारमेंट का इस्तेमाल न करना, सेक्स के बाद साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखना, पुरुषों से मिला संक्रमण।
इलाज- व्यक्तिगत साफ-सफाई का ध्यान रखें, पीरियड के दौरान कपड़े का इस्तेमाल न करें, टब में गर्म पानी के साथ चुटकी भर पोटासियम परमेग्नेट (लाल दवा) डालें और नहाने से पहले उसमें पांच मिनट बैठ जाएं। इससे काफी हद तक समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।
महिलाओं से जुड़ी इन 7 बीमारियों को जानते हैं क्या?
लोअर कमर दर्द
इस दर्द से रुटीन लाइफ बिगड़ जाती है। मुख्य वजह किचन और घर में बेढंगे तरीके से काम करना। इलजा न कराने पर समस्या और बढ़ जाती है।
कारण- लगातार वजन बढ़ना, एक ही स्थान पर बैठकर लगातार काम करना, हेल्दी फूड न खाना, किचन की बनावट ठीक न होना।
इलाज- सब्जी काटते, दाल बीनते, या रोटी बनाते समय झुकें नहीं। स्लैब पर सामान रखकर स्टूल पर बैठकर काम करें। कपड़े धोते समय महिलाएं फट्टे पर बैठकर झुक कर साबुन लगाती हैं। कपड़े को बराबर ऊंचाई पर रख कर धोएं। भरी बाल्टी या भारी सामान उठाते वक्त कमर झुकी न हो। घुटनों को मोड़कर वजन उठाएं। झुककर झाड़ू पौछा न करें। हार्ड बेड पर सोयें। गद्दा एक इंच ही मोटा हो। रोज छह से आठ घंटे नींद लें।