एसिड अटैक, अब तक करीब 40 सर्जरी करा चुकी है। 50 लाख से ज्यादा रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन जिंदगी आज भी मौत से बद्तर है इस बेटी की।
ये है पंजाब के बठिंडा निवासी अमनप्रीत की दर्दभरी कहानी। ब्यूटी पार्लर से घर चला रही अमनप्रीत जब आइना देखती हैं तो रोने लगती हैं। वह कहती हैं, ग्राहक का काम तो मैं कर देती हूं, लेकिन शीशा मेरे सामने आता है तो पुरानी यादें ताजा हो जाती है और दिल भर आता है। 31 जनवरी 2011 की उस मनहूस शाम की याद आते ही अमनप्रीत कौर सिहर उठती है।
शाम सात बजे वह अपनी मां के साथ ब्यूटी पार्लर बंद कर रिक्शे पर घर लौट रही थीं, तभी पीछे से किसी ने उसका नाम लेकर आवाज दी। वह पलटकर देखती, उससे पहले ही मंकी कैप डाले बाइक सवारों ने उसके सिर पर तेजाब डाल दिया। इससे अमनप्रीत कौर के आंख, कान, नाक और चेहरा बुरी तरह झुलस गया। साथ बैठी मां का भी पेट के नीचे का हिस्सा तेजाब से जल गया।
तेजाब उसके गले के अंदर तक चला गया, जिससे आवाज भी भरभरा गई। इस तरह दो मिनट के अंदर ही उनका सब कुछ उजड़ गया। अमनप्रीत कहती है कि आरोपी तो फरार हो गए, लेकिन वहां खड़े लोगों ने उनकी सहायता नहीं की, तमाशबीन बने रहे। 15-20 मिनट बाद पुलिस और एंबुलेंस को सूचित किया गया, तब लोग उन्हें सिविल अस्पताल लेकर गए। हालत देख डाक्टरों ने उन्हें फरीदकोट रेफर किया, जहां से उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया गया।
जीजा ने ही करवाया एसिड अटैक
पुलिस तहकीकात में जब कॉल डिटेल निकाली गई तो पता चला कि तेजाब अमनप्रीत कौर पर बुरी नजर रखने वाले जीजा ने ही डाला है। पीड़िता की मां ने कहा कि आरोपी दलजिंदर सिंह के साथ उनकी बड़ी बेटी हरप्रीत कौर की शादी हुई थी, जिसके बाद उनका दामाद अपनी पत्नी की बहन अमनप्रीत कौर पर बुरी नजर रखने लगा। अमनप्रीत ने इसका विरोध किया तो उसने इस घटना को अंजाम दे डाला। अब आरोपी का उसकी बहन से तलाक का केस चल रहा है।