कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो मुश्किलें भी रास्ता नहीं हो सकतीं। ऐसा ही गजब का हौंसला है, 13 साल की उम्र में दुल्हन बनी इस लड़की है, दिलचस्प कहानी।
ये हैं रोहतक के महम की नीतू सरकार। चंडीगढ़ स्थित पंजाब कला भवन में एक कार्यक्रम में शिरकत करने आई नीतू सरकार ने अपनी कहानी सुनाई तो वहां मौजूद हर किसी की आंख नम हो गई, लेकिन गर्व भी हुआ। नीतू देश की या दुनिया की पहली ऐसी महिला रेसलर हैं, जिनका चयन दो बच्चों की मां होने के बाद जूनियर नेशनल चैंपियनशिप के लिए हुआ था।
इस उपलब्धि के लिए सीमा सुरक्षा बल में उन्हें सब इंस्पेक्टर का पद दिया गया है। नीतू सरकार, एक ऐसी रेसलर जिसका बचपन बीता अपने जीवन को बर्बादी से बचाने के दंगल में और जवानी में कदम रखा तो बन गई ‘दंगल क्वीन’। नीतू बचपन से ही सपना है कि पहलवान बनूं और गोल्ड मेडल जीतूंगी। लेकिन 13 साल की उम्र में पिता ने विवाह कर दिया। 45 साल की उम्र के अधेड़ के साथ।
नीतू ने बताया कि पिता की भी मजबूरी थी। घर में खाने के लाले थे तो बेटी के हाथ पीले करने का खर्च कहां से लाते। नीतू ससुराल तो गई, लेकिन लौट आई। पिता ने सोचा बेमेल विवाह ही लौटने का कारण है। इसलिए महम के गांव बेड़वा के संजय के साथ दूसरी शादी कर दी। 15 वर्ष की उम्र में दो बच्चों की मां बन गई, बावजूद इसके नीतू ने अपने सपने को मरने नहीं दिया।
नीतू ने बताया कि पति संजय से वह अपने सपने साझा करती थी। इसके बाद संजय ने प्रोत्साहित किया। उसने 18 साल की उम्र में प्रैक्टिस शुरू कर दी। आज वह 20 साल की है और देश की जानी मानी रेसलर बन चुकी हैं। कई मेडल अपने नाम कर चुकी है। विदेशों में भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी है। नीतू ने अपना सपना साकार करने के लिए बहुत मेहनत की।