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एक साथ जन्मीं 3 बेटियां, पर उन्हें अपनाना नहीं चाहते मां-बाप, वजह चौंकाने वाली

Mon, 26 Feb 2018 03:13 PM IST
विकास सैनी/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
विकास सैनी/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Updated Mon, 26 Feb 2018 03:13 PM IST
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woman give birth to three girl child and left in hospital in rohtak
new born baby
महिला ने एक साथ तीन बेटियों को जन्म दिया, लेकिन वह और उसका पति उन्हें अपनाना नहीं चाहते। वे उन्हें घर ले जाने को तैयार नहीं, जानिए क्यों?
woman give birth to three girl child and left in hospital in rohtak
new born baby
मामला हरियाणा के रोहतक का है। दो दिन पहले एक साथ दुनिया में तीन परियां आईं और जन्म के तुरंत बाद अनाथ हो गईं। अब तक न मां मिली है ना मां का प्यार। मां के दूध और उसकी गोद से भी वंचित हैं। भूख से बिलबिलाती हैं तो नर्स उसे थैली का दूध चम्मच से पिला देतीं हैं। पेट भरने के बाद ये सो जाती हैं। नर्स ही इनकी मां बनी हुई हैं और वही इनकी पिता।
woman give birth to three girl child and left in hospital in rohtak
new born baby
ऐसा नहीं हैं कि एक साथ दुनिया में आयीं इन अबोध परियों के माता-पिता नहीं हैं। माता पिता हैं, मगर तीन बेटियों के बाद तीन और बेटियों के घर आने से वे परेशान हैं। कमजोर माली हालत के चलते इनका लालन पालन करने में असक्षम एचआईवी पीड़ित अभिभावकों ने इनसे किनारा करने का मन बना लिया है। ऐसे में मां के दूध व गोद से वंचित नन्हीं परियां भी शायद सही सोच रही हों कि हमारा क्या कुसूर जो हमें जन्म देते ही भुला दिया गया।
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woman give birth to three girl child and left in hospital in rohtak
new born baby
दरअसल, पीजीआई के स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग में महेंद्रगढ़ जिले से एक गर्भवती को 30 जनवरी को प्रसूति के लिए लाया गया। उसे खून की कमी के चलते सरकारी अस्पताल से पीजीआई रेफर किया गया। यहां उसने 21 फरवरी को तीन बेटियों को जन्म दिया। बड़ी बेटी का वजन एक किलो 900 ग्राम, उससे छोटी का एक किलो 800 ग्राम व सबसे छोटी को एक किलो 700 ग्राम है।
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woman give birth to three girl child and left in hospital in rohtak
new born baby - फोटो : अमर उजाला
बेटे की आस लगाए बैठे एचआईवी पीड़ित दंपति को बेटियों के पैदा होने का पता लगा तो उनके सपने चकनाचूर हो गए। पहले से तीन बेटियां घर में होने के चलते तीन और बेटियां पाकर परिवार की आंखें नम हैं। ऐसे में परिवार ने बच्चियों से मुंह मोड़ने का मन बना लिया है। वे चाहते हैं कि उन्हें कोई गोद ले ले। इसके लिए कुछ लोगों से बात भी हुई है। फिलहाल एक सामाजिक संस्था बच्चियों की मदद कर रही है। परिवार को जल्दी ही बच्चियों के गोद लिए जाने की उम्मीद है।
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