शख्स ने अपनी पत्नी और दो बच्चों को घर से बाहर निकाल दिया, लेकिन पत्नी जिद पर अड़ी है कि वह पति के साथ ही रहेगी।
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धरने पर बैठी पत्नी और बच्चे
मामला पंजाब के मोगा का है। थाना निहाल सिंह वाला अधीन गांव घोलिया खुर्द में 3 साल से मायके रहती पत्नी की ओर से अपने पति से इंसाफ की मांग को ले कर मरणव्रत शुरू कर दिया है। साथ बैठी छोटी बेटी हाथ में तख्ती पकड़कर कहती है कि डैडी हमारा कसूर बताओ। सिख जत्थेबंदी नेता भी पीड़ित महिला के समर्थन में उतर आए हैं।
पीड़ित रिपनदीप कौर ने बताया उसका 15 वर्ष पहले प्रधान नाम से जाने जाते दर्शन सिंह घोलिया निवासी गांव घोलिया खुर्द से विवाह हुआ था। उसके 14 वर्ष का बेटा व 10 वर्ष की बेटी है। उन्होंने कहा कि हम तीन बहनें हैं। मेरे कोई भाई न होने के कारण मैं मायके से जमीन में हिस्सेदार हूं। मेरे पति लगातार मुझे जमीन के लिए तंग परेशान कर रहे हैं और अक्सर ही लड़ाई झगड़े करते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मेरे पति ने कई दफा मुझे मारपीट करके घर से भी निकाला। इसके बाद भी मैं लगातार अपना घर बचाने के लिए दिन काट रही। मेरी कहीं भी कोई सुनवाई नहीं हो रही। रिपनदीप कौर ने कहा कि जब तक मुझे मेरे घर में दाखिल नहीं होने दिया जाता तब तक मैं भूख हड़ताल जारी रखूंगीं। धरने पर मौजूद कुलवंत सिंह राऊके कलां, गुरजंट सिंह ओर अन्य का कहना था कि वह तीन दिनों से दर्शन सिंह से फोन पर बातचीत करने के लिए समय की मांग कर रहे हैं। वह जान बूझ कर परेशान करते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले पर प्रशासन भी कथित तौर पर राजसी दबाव कारण कार्रवाई नहीं कर रहा। इस मामले में जब प्रधान दर्शन सिंह घोलिया से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि मेरी पत्नी रिपनदीप कौर बार-बार लड़ कर मायके घर चली जाती। अब मेरे पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उनमें कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं धार्मिक जत्थेबंदियों के नेताओं को विनती करता हूं कि वह मेरे पारिवारिक मामले में दखल न ददे।