देश में बेरोजगारी कितनी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अकेले इस राज्य में छह लाख युवाओं को नौकरी चाहिए, पर वो मिलेगी कैसे, कोई नहीं जानता।
हरियाणा की मनोहर सरकार के पांच साल में 56 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी मिलने के बावजूद प्रदेश में बेरोजगारों की बड़ी फौज खड़ी है। राज्य में छह लाख से अधिक पंजीकृत बेरोजगार हैं, जिन्हें नौकरी की तलाश है। यह आंकड़ा सरकारी रोजगार कार्यालयों का है। विधानसभा में सदन पटल पर रखे गए दस्तावेज के अनुसार प्रदेश में 6 लाख 18 हजार 565 बेरोजगार हैं।
इन बेरोजगारों में से मात्र 85,152 को ही बेरोजगारी भत्ता मिल रहा है। भिवानी में सबसे अधिक बेरोजगार हैं, उसके बाद जींद, हिसार, करनाल, यमुनानगर, सोनीपत इत्यादि जिलों का नंबर आता है। सरकार की ओर से श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री नायब सैनी ने यह जानकारी इनेलो विधायक परमिंद्र सिंह ढुल का मुहैया कराई है। ढुल ने सरकार से प्रदेश में पंजीकृत बेरोजगार युवाओं और बेरोजगारी भत्ता वाले युवाओं का जिला अनुसार ब्योरा मांगा था।
प्रदेश सरकार ने राज्यपाल अभिभाषण में बताया है कि 56 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है, जबकि 17 हजार नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। बावजूद इसके छह लाख से अधिक पंजीकृत बेरोजगार होना चिंता का विषय है। चूंकि, बड़ी संख्या में तो बेरोजगार युवा रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत भी नहीं है। जुलाना से विधायक परमिंद्र ढुल ने कहा है कि वर्तमान और आने वाली सरकारें बेरोजगार युवाओं को मद्देनजर रखते हुए सरकारी रोजगार मुहैया कराने की नीतियां बनाए।
किस जिले में कितने बेरोजगार
भिवानी 57685, जींद 53553, हिसार 49700, करनाल 46382, यमुनानगर 41376, सोनीपत 39478, रोहतक 34242, झज्जर 30617, कुरुक्षेत्र 30260, फरीदाबाद 29930, सिरसा 28837, कैथल 28344, पानीपत, 27865, अंबाला 25888, फतेहाबाद 22856, नारनौल 22695, रेवाड़ी 19125, गुरुग्राम 10166, नूंह 9997, पंचकूला 9569।