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मोबाइल बना लड़कियों और महिलाओं का 'बॉडीगार्ड', कैसे और क्या होगा फायदा देखिए?
Fri, 22 Feb 2019 01:03 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 22 Feb 2019 01:03 PM IST
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Mobile user
अब मोबाइल फोन लड़कियों और महिलाओं का 'रखवाला' बन गया है। इसके लिए एक बेहद खास योजना शुरू कर दी गई है। देखिए क्या है और कैसे काम करेगी, इससे क्या फायदे होंगे?
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लोगों के लिए इमरजेंसी शिकायत प्रणाली को और मजबूत करने के लिए डायल 112 को जारी किया गया है। पंजाब में यह चालू हो गया है। यह नंबर अगले दो माह के दौरान डायल 100 पुलिस हेल्पलाइन की जगह लेगा। इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम की शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा की गई। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने प्रयोग के तौर पर पहली कॉल की और कहा कि यह लोक समर्थक पहल राज्य की कानून व्यवस्था की मशीनरी को और बढ़ावा देगी। प्रशासन में जनता का विश्वास बढ़ाएगी।
मोबाइल यूजर
स्वचालित और कंप्यूटर आधारित है नई प्रणाली
यह प्रणाली पूरी तरह स्वचालित और कंप्यूटर आधारित है। प्रत्येक फोन बहुत बेहतर तरीके से रिकार्ड होता है, जिससे संकट की स्थिति में पुलिस मदद में सुधार होगा। शुरू में रिस्पांस का समय 10 से 12 मिनट होगा, जिसे 6 से 8 महीनों में घटाकर 8 मिनट पर लाया जाएगा। सीनियर पुलिस अधिकारी नागरिकों द्वारा 112 नंबर पर दर्ज की गई शिकायतों की निगरानी करेंगे। यह प्रणाली अपराध के रुझान का विश्लेषण करने के लिए एक प्रभावी प्रबंधन उपकरण होगी।
यह प्रणाली पूरी तरह स्वचालित और कंप्यूटर आधारित है। प्रत्येक फोन बहुत बेहतर तरीके से रिकार्ड होता है, जिससे संकट की स्थिति में पुलिस मदद में सुधार होगा। शुरू में रिस्पांस का समय 10 से 12 मिनट होगा, जिसे 6 से 8 महीनों में घटाकर 8 मिनट पर लाया जाएगा। सीनियर पुलिस अधिकारी नागरिकों द्वारा 112 नंबर पर दर्ज की गई शिकायतों की निगरानी करेंगे। यह प्रणाली अपराध के रुझान का विश्लेषण करने के लिए एक प्रभावी प्रबंधन उपकरण होगी।
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13 राज्यों में लागू हो चुकी है यह स्कीम
शुरुआत से यह स्कीम पंजाब समेत 14 राज्यों /केंद्र शासित प्रदेश में अमल में आ गई है। पहले चरण के दौरान यह प्रणाली पुलिस इमरजेंसी तक सीमित रहेगी। बाद में इसमें स्वास्थ्य और आग संबंधी अन्य सेवाएं भी शामिल की जाएंगी। लोग 112 नंबर डायल करके अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। dial-vvw@punjabpàælice.gàæv.in पर लॉगइन किया जा सकता है। ‘112 इंडिया’ एप पर पैनिक बटन मैसेज दबाया जा सकता है।
शुरुआत से यह स्कीम पंजाब समेत 14 राज्यों /केंद्र शासित प्रदेश में अमल में आ गई है। पहले चरण के दौरान यह प्रणाली पुलिस इमरजेंसी तक सीमित रहेगी। बाद में इसमें स्वास्थ्य और आग संबंधी अन्य सेवाएं भी शामिल की जाएंगी। लोग 112 नंबर डायल करके अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। dial-vvw@punjabpàælice.gàæv.in पर लॉगइन किया जा सकता है। ‘112 इंडिया’ एप पर पैनिक बटन मैसेज दबाया जा सकता है।
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इन राज्यों में लागू हुआ पेनिक बटन
ईआरएसएस सेंटर बनाने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होगी। अभी 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने दूरसंचार विभाग के साथ मिलकर ये केंद्र बनाए हैं। यह राज्य हैं उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, तमिलनाडु, गुजरात, पुड्डुचेरी, लक्षद्वीप, अंडमान निकोबार, दादर नगर हवेली और दमन दीव। बाकी राज्यों में इस पर तेजी से काम चल रहा है। महाराष्ट्र में सिर्फ मुंबई में यह सिस्टम लागू हुआ है।
ईआरएसएस सेंटर बनाने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होगी। अभी 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने दूरसंचार विभाग के साथ मिलकर ये केंद्र बनाए हैं। यह राज्य हैं उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, तमिलनाडु, गुजरात, पुड्डुचेरी, लक्षद्वीप, अंडमान निकोबार, दादर नगर हवेली और दमन दीव। बाकी राज्यों में इस पर तेजी से काम चल रहा है। महाराष्ट्र में सिर्फ मुंबई में यह सिस्टम लागू हुआ है।