पाकिस्तान की 'घिनौनी' हरकत सामने आई है। आईएसआई ने अमृतसर में निरंकारी भवन पर आतंकी हमला कराया। क्यों और कैसे, मामले में 7 खुलासे हुए हैं।
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) ने ही धमाका करवाया था। पंजाब पुलिस ने 72 घंटे से भी कम समय में केस हल करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, दूसरे की तलाश जारी है। गौरतलब है कि रविवार 18 नवंबर को राजासांसी के गांव अदलीवाल स्थित निरंकारी सत्संग घर में बाइक सवार दो नकाबपोश युवकों ने हैंड ग्रेनेड फेंक कर दहशत मचा दी थी।
हादसे में तीन लोग मारे गए थे जबकि 15 जख्मी हुए थे। पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि आरोपी बिक्रमजीत सिंह बिक्रम (26) निवासी गांव धारीवाल, राजासांसी को लोहारका गांव के पास से गिरफ्तार किया गया। बिक्रम केएलएफ का आतंकी है, उसे पाकिस्तान में रहने वाले हैप्पी ने ग्रेनेड मुहैया करवाया था। सीसीटीवी फुटेज के सुराग के आधार पर बिक्रम की गिरफ्तारी हुई।
उसने बताया कि दूसरा आरोपी अवतार सिंह खालसा (32) निवासी गांव चक्क मिश्री खान, लोपोके, अमृतसर था। बिक्रम की बाइक और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद कर ली गई हैं। पंजाब में हुई बेअदबी की घटनाओं के सवाल पर सीएम ने कहा कि पिछली सरकार के तीन केस सीबीआई के पास हैं। कांग्रेस कार्यकाल में हुए पांच केस हलकर 16 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पेड़ के नीचे ग्रेनेड, ऐसे की वारदात
डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने बताया कि बिक्रम को अवतार ने तीन नवंबर की रात फोन किया कि अगले दिन एक काम करना है। सुबह साढ़े चार बजे वह बिक्रम के घर पहुंचा। वहां से बिक्रम की बाइक पर वह एक किलोमीटर दूर मजीठा-हरियाणा लिंक रोड स्थित एक खेत में पहुंचे। वहां शीशम के पेड़ के नीचे करीब आधा फुट नीचे दबा एचजी-84 हैंड ग्रेनेड निकाला।