कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब-हरियाणा का अन्नदाता सड़क संघर्ष कर रहा है। पुलिस प्रशासन इन्हें रोकने के लिए हर उपाय कर रही है। जगह-जगह सड़कें खोद दी गईंं हैं। बड़े-बड़े पत्थर और बेरिकेड सड़क पर लगाए गए हैं। इन सबका का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। पंजाब और हरियाणा जाने वाले यात्री बेहाल हैं। उन्हें न कोई साधन मिल रहा और न हीं कोई समाधान।
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घग्गर नदी पार करते यात्री।
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली जाने वाले यात्री काफी परेशान हैं। उनका कहना कि सड़क अवरुद्ध होने के कारण दिल्ली-पानीपत राजमार्ग जाम है। उससे उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। एक यात्री शिवांगी का कहना है कि "मैं जम्मू से आ रही हूं और कल शाम दिल्ली पहुंचने का अनुमान था। हमारे पास अब तक कोई अपडेट नहीं है।"
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सोनीपत बस अड्डे पर पहुंचे यात्री।
- फोटो : अमर उजाला
अभी अंबाला- दिल्ली- अमृतसर और अंबाला- चंड़ीगढ़- दिल्ली राजमार्ग पर पूरी तरह से यातायात बहाल नहीं हुआ है। लोगों को अन्य रास्तों से होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। घग्गर नदी का पुल बंद होने के कारण आम जनता को कई किलोमीटर का सफर पैदल तय कर पंजाब से हरियाणा और हरियाणा से पंजाब जाना पड़ा।
पुल पूरी तरह से बंद होने के कारण लोगों ने ठंड में अपनी जान जोखिम में डाल घग्गर नदी को रास्ता बनाया। गंदे पानी से होते हुए एक राज्य से दूसरे राज्य में प्रवेश किया। इस दौरान खासकर बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। पंजाब की ओर से आ रही सीमा, रोशन, विवेक व अन्य का कहना है कि रास्ता बंद होने के कारण उनके कई जरूरी काम अटक गए।
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घग्गर नदी से गुजरते यात्री।
- फोटो : अमर उजाला
एक यात्री अचरज ने बताया कि मैं सोनीपत में परिवार के साथ अपने रिश्तेदार से मिलने आया था। मैं वापस अपने घर देहरादून जाने के लिए बस अड्डे पर आया तो दिल्ली की ओर जाने वाली बसें बंद मिली। ऐसे में परेशानी का सामना पड़ा।