डीसी साहब मेरी माता का निधन हो गया, मुझे सोनीपत जाना है और दोनों तरफ जाम है, अब मैं कहां से और कैसे जाऊं। ये दुविधा है मूलरूप से सोनीपत के गांव जवाहरा के रहने वाले रिटायर्ड कैप्टन लखपत सिंह की। वे फिलहाल अपने बच्चों के साथ कुरुक्षेत्र में रहते हैं। सुबह नौ बजे गांव से फोन आया कि उनकी माता फूलपति का निधन हो गया है।
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किसानों का दिल्ली कूच।
- फोटो : अमर उजाला
वह गाड़ी लेकर जैसे ही निकले तो कुरुक्षेत्र में जाम मिला। जैसे तैसे करनाल तक पहुंचे लेकिन यहां पर पुलिस ने ही सड़क के दोनों ओर बजरी से भरे ट्रक खड़े किये थे। दोपहर के 12 बज गए और वह अभी तक करनाल से ही नहीं निकल पाए, ऐसे में उनकी माता का संस्कार कैसे होगा। गांव से परिजनों के लगातार फोन पर फोन आ रहे हैं। हालांकि, डीसी निशांत कुमार यादव ने अपने पीए को बदले गए रास्ते के बारे में जानकारी देने के लिए उनके साथ भेजा। बाद में वे किसी तरह से गांवों के रास्ते से निकले।
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Farmer unions
- फोटो : अमर उजाला
मीडिया से बातचीत में कैप्टन दलपत सिंह ने कहा कि लड़ाई किसान और सरकार की है, इसमें आम आदमी को क्यों परेशान किया जा रहा है। सरकार को किसानों के साथ बैठक कर इसको निपटाना चाहिए या फिर इनको दिल्ली जाने देना चाहिए। किसान जाम करें तो दूसरी बात करनाल में तो पुलिस ने ही जाम लगा रखा है। पहली बार देखा है कि लोगों को रोकने के लिए प्रशासन की जाम लगवा रहा है।
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करनाल में जीटी रोड पर बैठे पुलिसकर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
उधर, पुलिस द्वारा जीटी रोड पर लगाए गए जाम के कारण हजारों की संख्या में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। किसी को रास्ते बदलने पड़े तो किसी वापस ही अपने गंतव्य की तरफ मुड़ना पड़ा।
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किसान आंदोलन।
- फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ से दिल्ली जा रहे अनिल कुमार ने बताया कि वह रात से यहां पर फंसा हुआ है, सुबह उम्मीद थी कि निकल जाऊंगा लेकिन यहां हालात और बिगड़ रहे हैं। इसी प्रकार, सोनीपत के एक परिवार ने कहा कि किसानों के आने से एक दिन पहले ही पुलिस द्वारा जीटी रोड जाम करना कहां का न्याय है।