पापा, मुझे ओलंपिक खेलने दो फिर आप जहां कहोगे, शादी कर लूंगी। देश के लिए मेडल लाने की भूख और अपने पिता का सपना पूरा करने ओलंपिक दंगल में उतरी पहलवान सीमा बिसला का यही कहना है। यह भावुक बात करने वाली गुढान की साहसी बेटी का पिता से मेडल का तोहफा देने का वादा है। अपने इस सपने को हकीकत में बदलने के लिए इस बेटी ने टोक्यो ओलंपिक के लिए कूच कर दिया है। कलानौर के गुढान निवासी कबड्डी खिलाड़ी आजाद सिंह की बेटी सीमा बिसला अंतरराष्ट्रीय पहलवान है। यह बेटी अपने पिता का ओलंपिक में मेडल जीतकर नाम रोशन करने का सपना पूरा करने ओलंपिक दंगल में उतरेगी। बेटी का कहना है कि पिता आजाद सिंह देश के लिए खेलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल करना चाहते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने व संसाधनों के अभाव में वे अपना यह सपना पूरा नहीं कर सके।
Tokyo olympic 2021: पिता का अधूरा सपना पूरा करने की ख्वाहिश, तोहफे में पदक देने की तमन्ना, ऐसी है सीमा बिसला की कहानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 23 Jul 2021 04:08 AM IST
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