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अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने से पहले जरूर लेकर जाएं ये चीज, नहीं तो हो सकते हैं ठगी का शिकार

Sat, 04 May 2019 04:16 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 04 May 2019 04:16 PM IST
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To buy gold on Akshaya Tritiya take the lens
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

यदि आप अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का विचार कर रहे हैं तो पहले लेंस खरीद लें। सोना खरीदने जाते समय उसे साथ लेकर जाएं। यह कहना है भारतीय मानक ब्यूरो के उप महानिदेशक एन के कंसारा का। उन्होंने चंडीगढ़ सेक्टर- 27 में स्थित भारतीय मानक ब्यूरो उत्तरी क्षेत्र में एक प्रेसवार्ता कर यह जानकारी दी।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

उन्होंने बताया कि अक्षय तृतीया पर लोग आभूषण खरीदना शुभ मानते हैं। काफी संख्या में लोग गहने और अन्य आभूषण खरीदते हैं। मौके का फायदा उठाकर कई ज्वेलर्स ग्राहकों को ठगने के लिए बिना हॉलमार्क वाले आभूषण दे देते हैं। इसलिए सोना खरीदने से पहले अपने साथ एक लेंस लेकर जाएं, क्योंकि हॉलमार्क का प्रिंट काफी छोटा होता है जो सामान्य रूप से नहीं दिखता।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

लेंस के माध्यम से चिन्ह को आसानी से देखा जा सकता है। इसलिए सतर्क रहें और बेहतर आभूषण खरीदें। इस मौके पर हरियाणा शाखा की वैज्ञानिक एवं प्रमुख रेणु गुप्ता और हॉल मार्किंग अधिकारी दीपक संगला मौजूद रहे।

हॉलमार्क के लिए लगते हैं 4 से 6 घंटे
कई बार जागरूक ग्राहक हॉलमार्क के बारे में दुकानदार से पूछताछ करते हैं तो ज्वेलर्स कुछ देर बाद आने को कह देते हैं। उसके बाद नकली हॉलमार्क लगाकर उन्हें ठग लिया जाता है। हॉलमार्क लगाने के लिए कम से कम 4 से 6 घंटे का समय लगता है। 

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

वहीं कई ग्राहक भी टैक्स बचाने के चक्कर में पक्का बिल नहीं लेते हैं। जब लोग अपना सोना बेचकर कुछ नया आभूषण खरीदने जाते हैं तो पता चलता है कि जितने कैरेट का सोना लिया था असल में उतना है ही नहीं। तब उनके पास पछताने के सिवाय कोई उपाय नहीं बचता।

चार तरह के चिह्न होते हैं आभूषण पर
उप महानिदेशक ने बताया कि किसी आभूषण पर चार तरह के चिह्न लगे होते हैं। एक भारतीय मानक ब्यूरो, दूसरा सोने की मात्रा 22द्म916, तीसरा सोने की जांच करने वाले केंद्र का नाम और चौथा जिस दुकान से खरीदा गया है उसका मार्क। इस चारों में से एक भी निशान कम है तो जान लीजिए आप कहीं न कहीं ठगे जा रहे हैं। 

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सांकेतिक तस्वीर

हॉलमार्क ज्वैलरी को लेकर दुकानदार को पहले पंजीकरण कराना जरूरी है। जो बहुत आसानी से भारतीय मानक ब्यूरो से कराई जा सकती है। इसके अलावा विभाग की वेबसाइट से भी बेहतर जानकारी ली जा सकती है। हालांकि अभी बाजार में 22, 18 और 14 कैरेट में हॉलमार्क के निशान उपलब्ध हैं।

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