इस कंपा देने वाली ठंड में बुजुर्गों की प्रतिभा देख हर कोई दांतों तले उंगली दबाता दिखा। भयंकर ठंड पड़ने के बावजूद हरियाणा में बुजुर्ग अपना करतब दिखा रहे हैं। खेलों में शानदार प्रदर्शन देख हर कोई हैरान है। कुछ करने का अगर जज्बा हो तो उम्र कोई बाधा नहीं होती। हरियाणा के बुजुर्गों ने यह साबित कर दिखाया है।
2 of 5
स्वर्ण पदक विजेता ओमपति
- फोटो : अमर उजाला
1- चरखी दादरी के गांव मैहड़ा की रहने वाली 71 वर्षीय वेद कौर की कहानी भी शानदार है। ठंड में बेटे सुरेंद्र ने अपनी मां वेद कौर को खेल में जाने से मना भी किया था लेकिन मां जिद पर अड़ गई और बोली - मैं तो जाऊंगी। इतना ही नहीं इस प्रतियोगिता में वेद कौर अपनी 44 वर्षीय बेटी सुशीला देवी को भी साथ लेकर गई। प्रतियोगिता में मां-बेटी ने पहली बार किस्मत अजमाई तो चार पदकों पर कब्जा कर लिया। खास बात है कि 71 वर्षीय वेद कौर ने तीन पदक हासिल किए हैं। जहां एक ओर वेद कौर ने हैमर थ्रो, जैवलिन थ्रो में स्वर्ण तो पांच किलोमीटर वॉक में रजत पदक जीता है। वहीं उनकी बेटी सुशीला देवी ने भी पांच किलोमीटर वॉक में कांस्य पदक पर कब्जा किया है।
3 of 5
रामस्वरूप कुकणा
- फोटो : अमर उजाला
2- मास्टर एथलीट चैंपियनशिप में विभिन्न जिलों से डेढ़ सौ से अधिक वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया। दो सौ व चार सौ तथा आठ सौ मीटर की दौड़ में हसंगा के 75 वर्षीय रामस्वरूप कुकणा ने प्रथम स्थान प्राप्त करके स्वर्ण पदक प्राप्त किए। वही 40 वर्षीय गिंदर सिंह गोगी ने पांच हजार मीटर में प्रथम स्थान प्राप्त किया। 75 वर्षीय सावंत राम मे ऊंची कूद में गोल्ड मेडल प्राप्त किया जबकि 50 वर्षीय बलवीर कौर ने शॉट पुट व हैमर में गोल्ड मेडल जीता।
4 of 5
वेदकौर व उनकी बेटी सुशीला देवी
- फोटो : अमर उजाला
3- हिसार के अर्बन एस्टेट में रहने वाली 82 वर्षीय ओमपति ने जहां एक ओर शॉटपुट और डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा ओमपति ने साढ़े 11 मीटर दूर भाला फेंक स्वर्ण पदक पर कब्जा किया है। खास बात रही कि दो दिन तक चली इस प्रतियोगिता में ओमपति ने तीन स्वर्ण पदक जीत लिए। वहीं उनके पति रघबीर ने 75 से अधिक आयु वर्ग में भाला फेंक और डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक हासिल किया।
4- 99 से अधिक आयु वर्ग में ऐलनाबाद से पहुंचे करनैल सिंह ने जहां 100 मीटर रेस में स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं 80 से ऊपर आयु वर्ग में हिसार के अर्बन एस्टेट की रहने वाली ओमपति ने शॉटपुट और डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक जीते हैं। ओमपति ने 5.35 मीटर दूर गोला फेंका। 65 से ऊपर आयु वर्ग में फतेहाबाद के नाहर सिंह ने हैमर थ्रो में स्वर्ण पदक जीता।