अब आम आदमी भी मात्र 13 रुपये में अपने घर आ रहे दूध की जांच कर सकेगा। पढ़िए कैसे...
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synthetic milk, mewat
- फोटो : अमर उजाला
13 रुपये की किट एनडीआरआई ने लांच की है, जिससे दूध की गुणवत्ता का पता लगाया जा सकेगा। गुरुवार को मिल्क डे के अवसर पर राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के मिल्क पार्लर पर दूध में माल्टोडेक्सट्रिन की मिलावट की जांच की किट लांच की गई।
मिलावट खोरों से निपटने के लिए डैलमो रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी ने इस स्ट्रीप बेसड किट को मार्केट में उतार दिया है। कंपनी भविष्य में यूरिया, न्यूट्रलाइजर तथा सुक्रोज की टेक्नोलॉजी को एनडीआरआई से खरीद कर मार्केट में लाने की तैयारी कर रही है।
बता दें कि एनडीआरआई के डेरी रसायन विभाग के वैज्ञानिक डॉ. राजन शर्मा, डॉ. वाईएस राजपूत तथा डॉ. बिमलेश मान की टीम की ओर से विकसित की गई दूध में माल्टोडेक्सट्रिन (ये एक केमिकल है, जो सॉलिड नोट फेंट की मात्रा बढ़ाता है) की जांच करने की टेक्नोलॉजी को करीब चार महीने पहले ही गुड़गांव की डैलमो रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी को ट्रांसफर की थी, जोकि अब इस किट को मार्केट में ले आई है।
संस्थान के निदेशक डॉ. आरआरबी सिंह ने कहा कि इस किट के मार्केट में आ जाने से कुछ हद तक मिलावट पर अंकुश लगेगा। उन्होंने वर्ल्ड मिल्क डे की बधाई दी और क्वालिटी मिल्क फार हेल्दी लाइफ का स्लोगन दिया। डॉ. आरआरबी सिंह ने कहा कि किसानों की मेहनत और वैज्ञानिकों की सूझबूझ की बदौलत आज हिंदुस्तान 160 मिलियन टन दूध उत्पादन करके विश्व में प्रथम स्थान पर है।