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ट्रेन में सफर करने वाले लोग ध्यान दें, आपके साथ भी ऐसा हो सकता है
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा(पंजाब)
Updated Fri, 02 Jun 2017 09:46 AM IST
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फ्लैक्सी फेयर से रेलवे की बल्ले-बल्ले
- फोटो : File Photo
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अगर आप भी ट्रेन में सफर करते हैं तो सावधान रहें और ध्यान दें। जैसा इन दो युवकों के साथ हुआ, आपके साथ भी हो सकता है।
रेलवे स्टेशन
मामला पंजाब के बठिंडा का है। रेलवे के एक टीटीई पर हरिद्वार जाने वाली रेल में दो यात्रियों से एसी डिब्बे में सफर करवाने के नाम पर हजारों ऐंठने के आरोप हैं। यही नहीं टीटीई ने उक्त यात्रियों को न तो कोई रसीद दी और न ही बकाया लौटाया। मामला रेल मंत्री समेत विभाग के उच्चधिकारियों के पास पहुंच गया है।
railway station
रुपेश बांसल निवासी बठिंडा ने बताया कि उसने अपने चचेरे भाई के साथ 24 मई को बठिंडा से हरिद्वार जाने के लिए 12 मई को रेलवे की ई बुकिंग करवाई थी। टिकट वेटिंग में होने से रुपेश को ट्रेन में सीट नहीं मिली, लेकिन उसने 24 मई को हरिद्वार को जाने वाली ट्रेन के टीटीई बलविंदर सिंह के साथ संपर्क किया। बलविंदर सिंह ने रुपेश को ई-टिकट वेटिंग में होने पर उसे एक साधारण टिकट लेने को कहा।
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चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन
इस दौरान रुपेश ने दो साधारण टिकट लेकर बलविंदर सिंह टीटीई से संपर्क किया। बलविंदर ने रुपेश को कहा कि बठिंडा से एसी डिब्बे में कोई सीट नहीं है। वह उसे धूरी से दो सीटें उपलब्ध करवा देगा तब तक वह कोच नंबर बी-3 में 7 नंबर सीट पर बैठ जाए जो बलविंदर सिंह की खुद की सीट थी। धूरी पहुंचने पर टीटीई बलविंदर सिंह के कहने पर बी-4 डिब्बे में रुपेश नेे 20 और 21 नंबर सीट पर बैठ गए।
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railway
कुछ देर बाद टीटीई बलविंदर ने उनसे 3500 रुपये किराए के तौर पर देने को कहा। रुपेश ने जब कहा कि ये तो बहुत ज्यादा है तो बलविंदर का कहना था कि अगर बैठना है तो बैठ जाएं नहीं तो अभी उतर जाएं। रुपेश ने बताया कि उसने मजबूरी में बलविंदर को 2000 के दो नोट दिए और टिकट बनाने को कहा तो बलविंदर ने उनकी साधारण टिकट को आधा फाड़ कर अपने पास रख लिया और आधा मुझे दे दिया।