अगर आप भी ट्रेन में सफर करते हैं तो सावधान रहें और ध्यान दें। जैसा इन दो युवकों के साथ हुआ, आपके साथ भी हो सकता है।
मामला पंजाब के बठिंडा का है। रेलवे के एक टीटीई पर हरिद्वार जाने वाली रेल में दो यात्रियों से एसी डिब्बे में सफर करवाने के नाम पर हजारों ऐंठने के आरोप हैं। यही नहीं टीटीई ने उक्त यात्रियों को न तो कोई रसीद दी और न ही बकाया लौटाया। मामला रेल मंत्री समेत विभाग के उच्चधिकारियों के पास पहुंच गया है।
रुपेश बांसल निवासी बठिंडा ने बताया कि उसने अपने चचेरे भाई के साथ 24 मई को बठिंडा से हरिद्वार जाने के लिए 12 मई को रेलवे की ई बुकिंग करवाई थी। टिकट वेटिंग में होने से रुपेश को ट्रेन में सीट नहीं मिली, लेकिन उसने 24 मई को हरिद्वार को जाने वाली ट्रेन के टीटीई बलविंदर सिंह के साथ संपर्क किया। बलविंदर सिंह ने रुपेश को ई-टिकट वेटिंग में होने पर उसे एक साधारण टिकट लेने को कहा।
इस दौरान रुपेश ने दो साधारण टिकट लेकर बलविंदर सिंह टीटीई से संपर्क किया। बलविंदर ने रुपेश को कहा कि बठिंडा से एसी डिब्बे में कोई सीट नहीं है। वह उसे धूरी से दो सीटें उपलब्ध करवा देगा तब तक वह कोच नंबर बी-3 में 7 नंबर सीट पर बैठ जाए जो बलविंदर सिंह की खुद की सीट थी। धूरी पहुंचने पर टीटीई बलविंदर सिंह के कहने पर बी-4 डिब्बे में रुपेश नेे 20 और 21 नंबर सीट पर बैठ गए।
कुछ देर बाद टीटीई बलविंदर ने उनसे 3500 रुपये किराए के तौर पर देने को कहा। रुपेश ने जब कहा कि ये तो बहुत ज्यादा है तो बलविंदर का कहना था कि अगर बैठना है तो बैठ जाएं नहीं तो अभी उतर जाएं। रुपेश ने बताया कि उसने मजबूरी में बलविंदर को 2000 के दो नोट दिए और टिकट बनाने को कहा तो बलविंदर ने उनकी साधारण टिकट को आधा फाड़ कर अपने पास रख लिया और आधा मुझे दे दिया।