जनरल दलबीर सिंह देश के आर्मी चीफ का पद संभालने के बाद आज पहली बार हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे। देखिए, उनके बारे में 10 अनसुनी बातें।
देखिए, आर्मी चीफ जनरल दलबीर के बारे में 10 अनसुनी बातें?
लेफ्टिनेंट जनरल दलबीर का पैतृक गांव हरियाणा के झज्जर जिले का गांव बिसाहन है। इसे फौजियों का गांव कहा जाता है। गांव बिसाहन की आबादी करीब 2500 की है। गांव के लिए फख्र की बात यह है कि लगभग हर परिवार से कोई न कोई किसी न किसी रूप से सेना से जुड़ा हुआ है।
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गांव बिसाहन में भारतीय थल सेना के प्रति एक अजीब ही जोश नजर आता है। गांव की पृष्ठभूमि से पलकर बड़े हुए करीब 42 आफिसर जो सेना में लेफ्टिनेंट से लेफ्टिनेंट कर्नल मेजर के पद भी पहुंच चुके हैं। जबकि काफी संख्या में सूबेदार, सिपाही के पद पर भी तैनात है।
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गांव बिसाहन में पिता रामफल व माता ईशरी की गोद से जन्मे दलबीर सुहाग चार भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं। उनके छोटे भाई धर्मबीर सिंह भी भारतीय थल सेना में ही कर्नल के पद पर तैनात हैं। कर्नल धर्मबीर साल भर में कई बार गांव का दौरा करते हैं और सहपाठियों से मिलते हैं।
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जनरल दलबीर की माता ईशरी देवी ने बताया कि बचपन में उन्हें साबुन इनाम में मिलता था, ताकि बच्चे नहा-धोकर स्वच्छ रहें। अब वह 59 साल का हो रहा है। दलबीर सिंह को गोला फेंकना पसंद था। दूध-दही और चूरमा खाने का तो बेहद शौक था। मैं अपने हाथ का बना चूरमा उसे खिलाऊंगी।