पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद खाली कराए गए बार्डर के गांवों के लोग अब वापस लौटने लगे हैं। कैंपों में अब कम लोग बचे हैं। तस्वीरें।
2 of 5
बॉर्डर से सटे गांव में दीवार की तरह डटे तीन बुजुर्ग
- फोटो : अमर उजाला
पठानकोट में बनाए रिफ्यूजी कैंपों से लोगों ने वापस गांवों में जाना शुरू कर दिया है। डीसी के रोकने पर उनका कहना था कि वे बेघर होकर नहीं रह सकते। हालांकि, अभी भी लाखों लोगरिश्तेदारों के यहां ही रुके हुए हैं। कई गावों के हजारों घर में अभी भी ताले लगे हुए हैं तो कहीं-कहीं पर जो बुजुर्ग गांव छोड़कर नहीं गए।
3 of 5
बार्डर से सटे गांव में काम करती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
जानकारी के मुताबिक, सोमवार तक अधिकारी शरणार्थियों की संख्या बढऩे का अंदेशा लगा रहे थे, लेकिन इसके उलट 7 हजार के करीब लोग कैंपों से वापस गांवों में चले गए। बारठ साहिब गुरुद्वारा में 700 के करीब लोग बचे हैं, जबकि पूजा पैलेस में 50 और परमानंद तारागढ़ के कैंपों में भी करीब इतने ही लोग हैं।
4 of 5
बॉर्डर से सटे गांवों के लोगों के लिए बने राहत कैंप
- फोटो : अमर उजाला
जिला अधिकारियों का कहना है कि लोग अपनी मर्जी से कैंप छोड़ रहे हैं, जबकि उन्हें हर तरह की जरूरत का सामान मुहैया कराया जा रहा है। बार्डर पर तनाव के चलते जिला पठानकोट के 102 गांव खाली करवाए गए थे। जहां से 51 हजार लोगों को पलायन करवाना था पर 10 से 12 हजार लोगों ने ही घर छोड़ा।
5 of 5
पंजाब में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद हाईअलर्ट, लोगों की मुश्किलें बढ़ीं
घर छोड़ने वाले 8 हजार लोग कैंपों में पहुंचे। अब कैंपों में केवल 1 हजार के करीब ही लोग बचे थे। बाकी अपने गावों या अपने रिश्तेदारों के घरों को चले गए।