तस्वीरें: 7 पेज के सुसाइड नोट में शहादत पर खुलासे
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में जवान के आत्महत्या से पहले लिखे 7 पेज के सुसाइड नोट ने साथी जवान की 'शहादत' पर सवाल खड़े कर दिए। गांव आसौदा के रहने वाले जवान मदन ने सोमवार देर रात रोहतक-दिल्ली रेल ट्रैक पर अपने गांव के पास ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। मौत से पहले मदन ने सात पेज का सुसाइड नोट लिखकर आईटीबीपी में तीन अधिकारियों के रवैये पर बड़े सवाल खड़े किए हैं।
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इस पर राजकीय रेलवे पुलिस ने उसके भाई पवन की शिकायत पर अज्ञात पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही उसने दिवाली की रात कैथल के जवान कपिल शर्मा की मौत पर भी सवालिया निशान लगाया गया है। सुसाइड नोट में लिखा गया है कि कपिल शर्मा और उसने अधिकारियों की मानसिक प्रताड़ना से आकर जान दी, जबकि कपिल के परिजनों को बताया गया था कि उसकी मौत नक्सली हमले में हुई है।
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गांव आसौदा टोडराण का 31 वर्षीय मदन दलाल आईटीबीपी में सिपाही था। वह 18वीं बटालियन में वाहन चलाता था और फिलहाल छत्तीसगढ़ के राजनांद गांव तहसील में सीतागांव के मोहल्ला मानपुर में तैनात था। दिवाली के दिन मदन के सहकर्मी व दोस्त कैथल निवासी कपिल शर्मा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। इससे पहले अधिकारियों के दुर्व्यवहार की वजह से कपिल और वह काफी परेशान थे।
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सुसाइड नोट में लिखा है कि मदन ने कपिल के पार्थिव शरीर को उसके घर पहुंचाने के लिए एंबुलेंस से रायपुर हवाई अड्डे तक पहुंचाया। वापसी में उसने अपने अधिकारियों के समक्ष कपिल की मौत के कारणों पर शक व्यक्त कर दिया। सुसाइड नोट के अनुसार, इस पर अधिकारी भड़क गए और मदन की राइफल छीनकर उसे मारने की कोशिश की।
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उसने खुदकुशी से पहले घटनास्थल पर फोन करके परिजनों को बुला लिया। उसके सामान की तलाशी में सुसाइड नोट मिला। आईटीबीपी के पीआरओ सुबोध ने बताया कि शायद आईटीबीपी जवान मदन कई दिन से छुट्टी पर था। उसके द्वारा खुदकुशी करने और कथित सुसाइड नोट में बल के तीन अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों की जांच होगी। इस पर मदन किसी तरह जान बचाकर वहां से भाग आया और सोमवार रात उसने खुदकुशी कर ली।